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    बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, इलाज के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोत्तरी 

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 07:18 PM (IST)

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शिक्षक कल्याण कोष के माध्यम से माध्यमिक शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि की है ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर

    सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. शिक्षक कल्याण कोष से चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि।

    2. गंभीर बीमारियों के लिए अब 45 हजार रुपये मिलेंगे।

    3. लघु शल्य चिकित्सा और अन्य बीमारियों के लिए भी बढ़ोतरी।

    जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने शिक्षक कल्याण कोष के माध्यम से राज्य के माध्यमिक शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि की है।

    बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षक कल्याण कोष उप-समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार चिकित्सा सहायता की अलग-अलग श्रेणियों में दी जाने वाली राशि को बढ़ाया गया।

    कितना बढ़ाया गया इलाज खर्च

    अब कैंसर, ब्रेन हैमरेज, हृदय रोग और किडनी प्रत्यारोपण जैसे रोगों से पीड़ित कर्मियों को पहले दिए जाने वाले 35 हजार रुपये की जगह 45 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।

    लघु शल्य चिकित्सा (माइनर सर्जरी) या दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाली 20 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। अन्य बीमारियों के इलाज के लिए पहले से निर्धारित 12 हजार रुपये के स्थान पर अब 17 हजार रुपये दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

    इस उप-समिति में बोर्ड के सचिव, वित्त पदाधिकारी, संयुक्त सचिव (स्थापना) एवं लेखा पदाधिकारी के अलावा शिक्षक संघों (बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ तथा बिहार प्रादेशिक माध्यमिक शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ) के प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल हैं।

    शिक्षक संघ द्वारा की जाती है अनुशंसा

    चिकित्सा सहायता के लिए आवेदन की अनुशंसा संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा मान्यता प्राप्त शिक्षक संघ द्वारा की जाती है। इन अनुशंसित आवेदनों पर विचार करने के बाद ही सहायता राशि स्वीकृत की जाती है।

    माध्यमिक परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को मिलने वाले पारिश्रमिक से 3 प्रतिशत की कटौती कर 'शिक्षक कल्याण कोष' में जमा की जाती है। इसी जमा राशि का उपयोग शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए किया जाता है।