बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: आंगनबाड़ी में 22891 पदों पर होगी बहाली, नई खेल नीति पर भी लगी मुहर
बिहार कैबिनेट ने 22,891 आंगनबाड़ी पदों पर बहाली और नई खेल नीति 2026 सहित कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने सहकारिता नीति और सब्जी प्रसं ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो
HighLights
आंगनबाड़ी में 22,891 सेविका-सहायिका पदों पर बहाली को मंजूरी।
बिहार खेल नीति 2026 स्वीकृत, खिलाड़ियों को नौकरी-पेंशन मिलेगी।
सहकारिता नीति और सब्जी प्रसंस्करण योजना को भी स्वीकृति।
राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश के करीब सवा लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के सफल संचालन के लिए राज्य में 6,141 सेविका और 16,750 सहायिका, यानी कुल 22,891 रिक्त पदों पर बहाली होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2026 को मंजूरी दे दी गई। नई चयन मार्गदर्शिका स्वीकृत होने से आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों पर बहाली का रास्ता साफ हो गया।
आज की बैठक में कुल 24 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। मंत्रिमंडल ने खेलों को बढ़ावा देने और प्रतिभावान खिलाडि़यों को पोषित करने तथा वर्तमान खेल संरचनाओं तथा प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार के लिए खेल नीति 2026 भी स्वीकृत की है।
बच्चों-गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं होंगी मजबूत
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि नई मार्गदर्शिका के तहत पोषक क्षेत्र के बहुल्य वर्ग की महिलाओं को इन नियुक्तियों में चयन में प्राथमिकता मिलेगी।
इससे आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत छह वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व शिक्षा , स्वास्थ्य जांच और पोषाहार स्वास्थ्य शिक्षा दी जाती है।
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बिहार खेल नीति 2026 को भी दी गई स्वीकृति
मत्रिमंडल ने खेलों को बढ़ावा देने और प्रतिभावान खिलाडि़यों को पोषित करने तथा वर्तमान खेल संरचनाओं तथा प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार के लिए खेल नीति 2026 स्वीकृत की है। नई नीति के चार पिलर होंगे।
नीति के तहत जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम होगा। नीति में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ इनके लिए पेंशन के प्रविधान भी किए गए हैं।
खेल विभाग के अंतर्गत पूर्व से बनी नीति, कार्यक्रमों और योजनाओं को समेकित करते हुए बिहार खेल नीति 2026 बनाई गई है। इसमें पंचायत से राज्य स्तर तक खेल के बुनियादी ढांचे विकसित करने और खिलाड़ियों के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर सर्वाधिक फोकस होगा।
इसके तहत पंचायतों में सामुदायिक खेल के मैदान, प्रखंडों में मिनी स्टेडियम, जिलों में खेल भवन सह व्यायामशाला एवं जिला खेल परिसर, क्षेत्रीय स्तर पर 14 प्रमुख खेल परिसर, प्रमंडल स्तर पर खेल परिसर तथा राज्य स्तर पर उच्च प्रदर्शन केंद्र, प्रमुख खेल परिसर और राज्य खेल अकादमी होगी। खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए विशेष प्रणाली विकसित होगी।
खिलाड़ियों के चयन के बाद उनके पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। दीर्घकालिक एथलीट विकास योजना बनेगी। विशिष्ट एथलीटों को उनके प्रतिस्पर्धी करियर के बाद दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और गरिमा प्रदान करने के लिए पेंशन योजना की भी शुरुआत की जाएगी।
'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बिहार को मिली नई सहकारिता नीति-2026
मंत्रिमंडल ने राज्य में सहकारिता आंदोलन को मजबूत, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए बिहार सहकारिता नीति-2026 स्वीकृत की है। नीति के तहत पारंपरिक सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से सशक्त किया जाएगा।
साथ ही कृषि के अलावा अन्य नए क्षेत्रों में भी सहकारी समितियों के गठन और विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ाकर सहकारिता को रोजगार और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनाना है। यह नीति समावेशी विकास को बढ़ावा देते हुए समृद्ध एवं विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
सब्जी किसानों के लिए ₹106.39 करोड़ की बड़ी योजना मंजूर
मंत्रिमंडल ने राज्य के सब्जी उत्पादकों को मजबूत बनाने के लिए ₹106.39 करोड़ की बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
पंचायत स्तर पर संग्रहण केंद्र, प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचना, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी और रिफर वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इससे सब्जियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।