बिहार को केंद्र से मिलेंगे 450 करोड़ तक! मुख्य सचिव ने सभी विभागों को दिया बड़ा टास्क, 10 दिन में करना होगा ये काम
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को केंद्र से मिली राशि 10 दिन में ट्रांसफर करने और अधिक ...और पढ़ें

10 दिनों में राशि ट्रांसफर करने का निर्देश
HighLights
केंद्र से मिली राशि 10 दिन में ट्रांसफर करें विभाग।
अधिकतम प्रोत्साहन राशि हेतु विभागों में समन्वय जरूरी।
निष्क्रिय बैंक खाते बंद कर ब्याज निधि में जमा करें।
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (एसएएससीआइ 2026-27) की समीक्षा बैठक हुई। इस मौके पर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि केंद्र सरकार द्वारा विमुक्त की गई राशि को निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सिंगल नोडल एजेंसी या संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर करना सुनिश्चित करें।
10 दिनों में राशि ट्रांसफर करने का निर्देश
पार्ट-थ्री (पूंजीगत व्यय लक्ष्य) और अन्य सुधार आधारित पार्ट्स जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग सेक्टर और सीबीजी रिफार्म्स में बिहार के प्रदर्शन को अव्वल बनाए रखने के लिए सभी सचिव स्वयं योजनाओं की निगरानी करें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने को कहा।
अधिकतम प्रोत्साहन राशि के लिए विभागों में समन्वय
नियमों के क्रियान्वयन जैसे राइट आफ वे रूल्स, 2024 और भारत नेट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए नगर विकास, ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
इसका उद्देश्य केंद्र से राज्य को अधिकतम प्रोत्साहन राशि दिलाना है। बैठक में वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और सचिव (व्यय) रचना पाटिल के अलावा विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद थे।
विभागवार आवंटन और विमुक्त राशि की समीक्षा
बैठक में एसएएससीआइ योजना के तहत बिहार राज्य को आवंटित और विमुक्त की गई राशि की विभागवार समीक्षा भी की गई।
अधिकारियों ने योजना के तहत अब तक हुए वित्तीय प्रबंधन और राशि के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को तय दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करने को कहा।
75 प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र जरूरी
बैठक में वित्त सचिव ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से पार्ट-वन के तहत द्वितीय किस्त की राशि प्राप्त करने के लिए प्रथम किस्त की न्यूनतम 75 प्रतिशत राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर भेजना अनिवार्य है।
इसलिए विभागों को त्वरित गति से राशि का सदुपयोग कर उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
निष्क्रिय बैंक खाते तत्काल बंद होंगे
वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक केंद्रीय प्रायोजित योजना (सीएसएस) के सभी निष्क्रिय बैंक खातों को तुरंत बंद किया जाए।
साथ ही, बंद होने की तिथि तक उन खातों पर अर्जित ब्याज की राशि को भारत की समेकित निधि में तुरंत जमा कराया जाए।
450 करोड़ तक की प्रोत्साहन राशि पर नजर
वित्तीय प्रबंधन में दक्षता दिखाकर राज्य के लिए निर्धारित अधिकतम 450 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि हासिल करने के लिए सभी विभाग अपने वित्तीय ढांचे को डिजिटल और दुरुस्त करें।
मुख्य सचिव ने विभागों से आपसी समन्वय के साथ योजनाओं की निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।