काफिला छोटा करने के बाद अब पैदल सचिवालय पहुंचे CM; ‘नो व्हीकल डे’ पर सम्राट चौधरी ने छोड़ी गाड़ी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को 'नो व्हीकल डे' मनाते हुए अपने सरकारी आवास से पैदल सचिवालय पहुंचे। यह कदम ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रत ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पैदल सचिवालय पहुंचे।
'नो व्हीकल डे' पर सरकारी वाहन का त्याग।
ईंधन बचत, पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश।
राज्य ब्यूरो, पटना। देश में पेट्रोलियम संकट और ईंधन बचत की बढ़ती जरूरत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक बड़ा संदेश दिया।
मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाने का फैसला लेते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया।
तेज धूप के बावजूद उनके साथ सचिव व अन्य अधिकारी भी पैदल ही निकले। रास्ते में मुख्यमंत्री ने लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल की खपत कम करने की अपील के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में शुक्रवार को नो व्हेकिल्स डे घोषित किया था।
इसका मतलब यह है कि सप्ताह में हर शुक्रवार को वह खुद वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। मंत्रियों व सरकारी कर्मियों से भी उन्होंने इस बारे में अपील की थी।

(एक अणे मार्ग से निकलते सीएम।)
पहले ही कर चुके हैं अपील
इस क्रम में शुक्रवार को वह मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री सचिवालय यानी संवाद कक्ष तक पैदल गए। उनके साथ उनके अधिकारी भी पैदल गए। यह दूरी 400 से 500 मीटर की है।
मुख्यमंत्री ने पेट्रोल की खपत को कम करने को केंद्र में रख अपने कारकेड के वाहनों की संख्या तीन तक सीमित कर दी है जबकि उनके कारकेड में 10 से 12 वाहन तक रहते थे।
राज्यपाल ने भी अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया है। मुख्यमंत्री के नो व्हेकिल्स डे का असर उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों पर भी दिख रहा है।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अपने आवास से सचिवालय स्थित अपने कक्ष तक पैदल गए। यह दूरी लगभग एक किमी की है।
सचिवालय में भी बड़ी संख्या में कर्मियों ने नो व्हेकिल डे को अपनाया और दफ्तर आने में अपने वाहन का इस्तेमाल नहीं किया।
इससे पहले भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी थी और इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया था।

(लोगों का अभिवादन स्वीकार करते सम्राट चौधरी।)
मंत्रियों पर भी दिख रहा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।
कुछ मंत्री ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
सरकार इसे जनभागीदारी के जरिए ऊर्जा संकट से निपटने की कोशिश के रूप में देख रही है।

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