'खाड़ी देशों के युद्ध का असर'; पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर बोले बिहार के डिप्टी सीएम, कहा- हालात अस्थायी हैं
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी के बाद बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सरकार ने इस वृद्धि के लिए अंतरराष्ट्रीय परि ...और पढ़ें

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार ने दी सफाई
HighLights
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि।
सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों, खाड़ी युद्ध को बताया जिम्मेदार।
लोगों से ईंधन खपत कम करने की अपील की गई।
डिजिटल डेस्क, पटना। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी के बाद बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
विपक्ष जहां लगातार सरकार पर हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष इसे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की मजबूरी बता रहा है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने बेहद विवश होकर यह फैसला लिया है और यह स्थिति स्थायी नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसके कारण महंगाई दर पर भी असर पड़ा है। इसके पीछे खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं।
‘युद्ध के कारण प्रभावित हुई आपूर्ति’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन देशों से भारत समेत दुनिया के कई देशों को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति होती है, वहां युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इससे समुद्री परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही बाधित होने के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ा है। हालांकि उम्मीद है कि युद्ध समाप्त होने के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे और कीमतों में भी राहत मिलेगी।
मंत्री बोले- परिस्थिति जन्य फैसला
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी तेल कीमतों में वृद्धि को परिस्थितिजन्य फैसला बताया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां स्वतंत्र रूप से कीमत तय करती हैं।
बाजार की स्थिति के अनुसार वे कीमत बढ़ाती और घटाती रहती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के कारण फिलहाल कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। ऐसे समय में लोगों को संयम और समझदारी के साथ स्थिति का सामना करना चाहिए।
कम तेल खपत की अपील
सरकार की ओर से लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील भी की गई है। मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस दिशा में कदम उठा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की है। मुख्यमंत्री, मंत्री और कई अधिकारी भी ईंधन बचत के उपाय अपना रहे हैं। लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन और जरूरत के अनुसार ही वाहनों के उपयोग की अपील की गई।