यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार में कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला तेज, एक और दिग्गज नेता ने भेजा त्यागपत्र; चुनाव से पहले पार्टी को लगातार तीन झटके
Bihar Politics बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। रविवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने इस ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को भेजा त्यागपत्र
- असित नाथ तिवारी ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया त्यागपत्र
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस आशय का पत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को भेज दिया है। असित से पहले रविवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने कांग्रेस से 39 वर्षों का अपना नाता तोड़ लिया था।
बिहार में कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा (Anil Sharma) के बाद अजय सिंह टुन्नू (Ajay Singh Tunnu) ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी।
वे बिहार कांग्रेस कमेटी (Bihar Congress Committee) के सदस्य थे। प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र की घोषणा की।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ने का ये बताया था कारण
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को त्यागपत्र भेजने के बाद रविवार को प्रेस-वार्ता कर उन्होंने इसकी घोषणा की। पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की आवक और राजद के साथ गठबंधन को इसका कारण बताया।
उनके अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस बिहार में 2009 का लोकसभा और 2010 का विधानसभा चुनाव अकेले बूते लड़ी थी।बिहार में पार्टी की नीति-रणनीति से अनिल शर्मा क्षुब्ध थे। कुछ अपनी अनदेखी भी कांग्रेस छोड़ने का कारण हो सकती है। लंबे समय से संगठन में उन्हें कोई बड़ा पद नहीं मिला था।
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