यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Crime: पटना में बेखौफ बदमाश सरेआम उठा ले गए गल्ला, विरोध पर कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग; बाल बाल बची कारोबारी की जान
Bihar Crime News पटना में देर शाम हथियारबंद बदमाशों ने एक दुकान में घुसकर गद्दी पर रखे गल्ला को उठा ले गए। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने दो राउंड फायर ...और पढ़ें

HighLights
- खुसरूपुर में बदमाश सरेआम उठा ले गए गल्ला
- संयोग से बच गई गद्दीदार जान
संवाद सूत्र, खुसरूपुर। पाटने में खुसरूपुर थाना क्षेत्र के बांस टाल चौराहा के समीप रविवार की देर शाम हथियारबंद बदमाशों ने एक दुकान भोलेनाथ ट्रेडिंग में घुस कर गद्दी पर रखे गल्ला को उठा ले गये। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने दो राउंड फायरिंग की। संयोग से गद्दीदार पप्पू कुमार बाल बाल बच गए।
गोली दीवाल में लगी। बताया जाता है कि एक मोटरसाइकिल पर दो बदमाश पहुंचे और घटना को अंजाम देकर बाइक से फरार हो गये। पीड़ित पप्पू ने बताया कि रोज की तरह वह दिनभर की हिसाब कर कैश की मिलान कर रहा था।
गल्ला में करीब चालीस हजार रुपये सहित हिसाब की बही, बैंकों के चेकबुक थे, जिसे बदमाश ले गए। घटना के समय गद्दी में मौजूद वाहन चालकों ने विरोध की कोशिश की। बदमाशों ने हथियार के बल पर सबको गोली मारने की धमकी दे खामोश कर दिया।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और दुकानों में दुबक गए। घटना की सूचना पर 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। लूट की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की हुजूम जुट गई।
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घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है। बदमाशों की खोज में पुलिस की टीम को लगाया गया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि अपराधियों की हारहाल में गिरफ्तारी की जाएगी।
अपराधियों की शिनाख्त में जुटी पुलिस
इस बीच ग्रामीण एसपी रौशन कुमार ने बताया कि बदमाश मोटरसाइकिल से घटनास्थल पर पहुंचे थे। थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है। अपराधियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। थानाध्यक्ष को निर्देश किया गया है कि जेल से हाल फिलहाल निकले अपराधियों की शिनाख्त कर उनकी स्थिति का आंकलन किया जाय।
इस बीच पीड़ित दुकानदार ने बताया कि 16 जनवरी 2024 को उनके गद्दी से करीब ढाई लाख रुपए की चोरी हुई थी। उस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया था।
थानाध्यक्ष नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दवाब बना रहे थे। अगर उस समय प्राथमिकी दर्ज हुई होती, शायद आज ये घटना नही होती।
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