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    बिहार में खोले गए म्यूल खातों में पैसे भेज रहे साइबर ठग, बैंककर्मियों की मिलीभगत आई सामने

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 01:31 PM (IST)

    देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी की राशि बिहार के म्यूल खातों में भेजी जा रही है। एनसीआरपी पर 1272 शिकायतों में 72 करोड़ की ठगी सामने आई। बिहा ...और पढ़ें

    एआई द्वारा बनाई गई इमेज।

    एआई द्वारा बनाई गई इमेज।

    HighLights

    1. साइबर ठगी की 72 करोड़ की राशि बिहार के म्यूल खातों में।

    2. 'साइबर प्रहार 2.0' में 1216 म्यूल खाते, 141 लोग चिह्नित।

    3. बैंककर्मियों की मिलीभगत से खोले गए फर्जी म्यूल खाते।

    राज्य ब्यूरो, पटना। देश के अलग-अलग राज्यों में हो रही साइबर ठगी की राशि बिहार में खोले गए म्यूल खातों में भेजकर निकाली जा रही है। साइबर अपराध की शिकायतों के लिए बने एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर ऐसी 1272 शिकायतें मिली हैं, जिसमें कुल 72 करोड़ की साइबर ठगी की गई।

    बिहार पुलिस के साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने इन शिकायतों के आधार पर साइबर प्रहार 2.0 विशेष अभियान चलाया जिसमें ऐसे 1216 खाते चिह्नित किए गए हैं।

    इस दौरान बैंककर्मियों समेत 141 लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें नोटिस या गिरफ्तार किया गया है। वहीं 86 प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। भागलपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि लाभार्थियों के खाते से निकालकर म्यूल खातों में भेजकर ठगी करने का पर्दाफाश भी हुआ है।

    बैंककर्मियों की मिली भगत

    सीसीएसयू के अनुसार, जांच के दौरान म्यूल खातों को खोलने में बैंककर्मियों की भी मिलीभगत सामने आई है। साइबर अपराधी कई बार किराये पर म्यूल खातों की जानकारी हासिल करते हैं।

    इसके लिए बैंक में खाते खुलवाकर पासबुक, बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड आदि की जानकारी कुछ पैसे लेकर साइबर अपराधियों से साझा की जाती है। साइबर ठगी की राशि पहले इन्हीं म्यूल खातों में मंगाई जाती है और फिर एटीएम या चेक की सहायता से राशि की निकासी की जाती है।

    भोजपुर में एक अभियुक्त ने उत्कर्ष फाइनेंस बैंक के कार्यकारी सेल्स मैनेजर के साथ मिलकर बड़ी संख्या में ऐसे ही म्यूल खाते खोले।

    इस छापेमारी में पांच एटीएम कार्ड, 14 सिम कार्ड और 50 अतिरिक्त फर्जी खातों की जानकारी पुलिस को मिली है। मोतिहारी में 12 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 30, भागलपुर में 14, मधुबनी में नौ और औरंगाबाद में आठ के लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

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    सीसीएसयू के अनुसार, साइबर प्रहार 2.0 के अगले चरण में राज्य भर में 100 से अधिक फर्जी सिम विक्रेताओं को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

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