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    फेसबुक-यूट्यूब पर आपत्तिजनक पोस्ट तुरंत होंगे डिलीट, बिहार सरकार ने IG-DIG को दी पावर

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के लिए नई व्यवस्था बनाई है, जिससे अब रेंज के आईजी-डीआईजी त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. रेंज आईजी-डीआईजी को आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का अधिकार।

    2. सोशल मीडिया से सामग्री हटाने में अब होगी तेजी।

    3. आईटी अधिनियम 2000 के तहत नई व्यवस्था लागू।

    राज्य ब्यूरो, पटना। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सभी इंटरनेट मीडिया एवं ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक पोस्ट एवं वीडियो पर अब त्वरित कार्रवाई हो सकेगी।

    राज्य सरकार ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्ट हटवाने (टेक डाउन) के लिए नई व्यवस्था बनाई है।

    अब सभी रेंज के आईजी-डीआईजी आपत्तिजनक पोस्ट टेकडाउन करा सकेंगे। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से कम समय में पोस्ट को हटाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। गृह विभाग की विशेष शाखा ने इससे जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है।

    दरअसल, अभी तक इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की जिम्मेदारी साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (सीसीएसयू) के पास थी।

    समय की होगी बचत

    इस व्यवस्था में किसी भी जिले या रेंज में आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान किए जाने पर इसका प्रस्ताव सीसीएसयू को भेजा जाता था, जिसके बाद संबंधित इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को नोटिस जारी की जाती थी। इसमें समय अधिक लगता था। अब क्षेत्रीय आईजी-डीआईजी अपने स्तर से ही यह काम कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी।

    गृह विभाग (विशेष शाखा) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा आईटी नियम, 2021 के तहत केंद्रीय, मगध, तिरहुत, मिथिला, पूर्णिया, सारण, शाहाबाद, चंपारण, कोसी, बेगूसराय, मुंगेर, भागलपुर, रेल और कार्मिक रेंज के आईजी/डीआईजी को ऑनलाइन सामग्री हटाने (टेकडाउन) का नोटिस जारी करने के लिए अधिकृत किया है।

    जारी की गई प्रत्येक नोटिस की सूचना तत्काल राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव को भी दी जाएगी, जिन्हें इस कानून के तहत नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

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