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    बिहार में बदलेगा ग्राम पंचायतों का नक्शा, DM को मिला परसीमन करने का अधिकार

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:21 PM (IST)

    पंचायती राज विभाग ने नए ग्राम पंचायतों के निर्धारण/परिसीमन के लिए जिलाधिकारियों को अधिकृत किया है। यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर होगी, जिसमें ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

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    HighLights

    1. जिलाधिकारियों को नए ग्राम पंचायतों के परिसीमन का अधिकार मिला।

    2. 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगा निर्धारण।

    3. ग्राम पंचायत मुख्यालय और सीमाओं के लिए स्पष्ट नियम।

    राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार ने नए ग्राम पंचायतों के निर्धारण/परिसीमन के लिए जिलाधिकारियों को अधिकृत कर दिया है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी कर दिया।

    आदेश में राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) की निगरानी में जिलाधिकारी (डीएम) को प्रखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों के परिसीमन के लिए अधिकृत किया गया है।

    अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर नए ग्राम पंचायतों का गठन किया जाएगा। ग्राम पंचायत क्षेत्रों की घोषणा के लिए प्रखंड को इकाई के रूप में माना जाएगा।

    साथ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र का निर्धारण प्रखंड के उत्तर-पश्चिम से प्रारंभ होकर दक्षिण पूर्व में समाप्त होगा। किसी गांव को तबतक नहीं बांटा जाएगा जबतक कि उसमें दो या उससे अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करना आवश्यक नहीं हो।

    क्या होंगे नई पंचायतों के नियम 

    पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सोमवार को अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही जिला परिषद, पंचायत समिति और वार्ड सदस्य के संबंध में भी अलग-अलग अधिसूचना जारी की गई है।

    एक से अधिक गांवों वाले घोषित ग्राम पंचायत क्षेत्रों का मुख्यालय अधिक जनसंख्या वाले गांव में होगा, लेकिन उस क्षेत्र में एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों की संख्या कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत से होगा, तो मुख्यालय उस गांव में होगा जिसमें एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों की संख्या का अनुपात सबसे अधिक होगा।

    सड़क, रेल लाइन और सार्वजनिक स्थान को सीमा माना जाएगा

    ग्राम पंचायत क्षेत्र का नाम उस गांव के नाम से घोषित किया जाएगा, जिस गांव में ग्राम पंचायत का मुख्यालय होगा। लेकिन जहां एक गांव में एक से अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करना आवश्यक होगा, वहां संबंधित क्षेत्र की स्थिति की दिशा के साथ उसी ग्राम के नाम से घोषित किया जाएगा।

    पंचायत क्षेत्र की सीमा प्राकृतिक होगी। इसके अतिरिक्त सड़क, रेलवे लाइन और अन्य सार्वजनिक संस्थान, जिससे स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने वाले स्थान को भी सीमा माना जा सकता है।

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