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    बिहार शिक्षक भर्ती TRE-4 का रास्ता साफ, 25 जुलाई की डेडलाइन तय; एजुकेशन मिनिस्टर ने दिया अपडेट

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 09:20 PM (IST)

    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के सभी कार्यों को समय पर पूरा करने और जनता के आवेदनों का 30 दिन में निपटारा करने का न ...और पढ़ें

    बिहार शिक्षक भर्ती TRE-4 का रास्ता साफ (AI Generated Image)

    बिहार शिक्षक भर्ती TRE-4 का रास्ता साफ (AI Generated Image)

    HighLights

    1. टीआरई-4 के लिए 25 जुलाई तक बीपीएससी को अधियाचना भेजें।

    2. मॉडल स्कूलों की प्रगति की समीक्षा, अन्य राज्यों का अध्ययन करें।

    3. जनता के आवेदनों का 30 कार्यदिवस में निपटारा सुनिश्चित करें।

    राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (Bihar Minister Mithilesh Tiwari) ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

    उन्होंने कहा कि जनता से प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा विभाग में टीम वर्क की संस्कृति को और मजबूत बनाया जाए।

    बैठक में प्रमुख रूप से टीआरई-4, मॉडल स्कूल और स्थानांतरण नीति चर्चा के केंद्र में रहे। टीआरई-4 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजने का निर्देश दिया।

    प्रदेश के सभी प्रखंडों में खोले जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है।

    मंत्री ने अन्य राज्यों के माडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और इस विषय पर अगले सोमवार को विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।

    शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार में शिक्षा सुधार और नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह राज्य का दौरा करेगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा।

    बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने, मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने तथा विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।

    मंत्री ने कहा कि सभी बीईओ और डीईओ प्रत्येक माह एक दिन गांव में रहकर अभिभावकों से संवाद करेंगे और विद्यालयों से संबंधित फीडबैक प्राप्त करेंगे। उन्होंने कोटा, सीकर और अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था का अध्ययन कर बिहार के लिए भी समग्र कोचिंग नीति तैयार करने का निर्देश दिया।

    अपार आईडी निर्माण के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें दी जाने वाली राशि रोकने का निर्देश दिया गया।

    साथ ही ई-शिक्षा कोष पोर्टल की व्यवस्था को दुरुस्त करने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने और केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।

    शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। इसके लिए सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।