Bihar Election 2025: डैमेज कंट्रोल की कांग्रेसी कवायद शुरू, अशोक गहलोत उतरे मैदान में
बिहार महागठबंधन में खींचतान के बाद, कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। अशोक गहलोत पटना पहुंचे और लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात क ...और पढ़ें

अशोक गहलोत उतरे मैदान में
HighLights
गहलोत पहुंचे पटना, लालू-तेजस्वी से मुलाकात
बिहार चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने कहा एक दिन रुके जो भ्रम है दूर होगा
पटना पहुंचते ही गहलोत ने तेजस्वी और लालू प्रसाद से की मुलाकात
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को ले महागठबंधन में खींचतान के बाद टिकट बंट गए। उम्मीदवारों ने नामांकन भी कर दिया। कुछ उम्मीदवार नाम वापसी की तैयारी भी कर चुके हैं। इन तमाम जारी प्रक्रियाओं के बीच महागठबंधन के बीच आई दूरी को पाटने की कवायद भी शुरू हो गई है।
राजद, कांग्रेस, वीआइपी और वामदलों के बीच अब भी सीटों को लेकर मतभेद बना हुआ है। जिसकी वजह से महागठबंधन की एकता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। जिसके बाद कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत पटना पहुंच चुके हैं और फिलहाल उनकी बैठक लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ चल रही है।
कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने एक दिन पहले ही यह संकेत दे दिए थे कि महागठबंधन की एकता पर जो बादल छाएं हैं उन्हें दूर करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मा दिया जाएगा। जिसके बाद बुधवार की सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिहार पहुंचे। पटना पहुंचते ही गहलोत ने कहा कि गठबंधन के भीतर सब कुछ नियंत्रण में है और जल्द ही सभी असमंजस खत्म हो जाएंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत एयरपोर्ट पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि सभी काम बहुत अच्छे से चल रहे हैं। एक दिन रुके जो भी भ्रम है, वह पूरी तरह दूर हो जाएगा। उन्होंने माना कि कुछ सीटों पर दोस्ताना संघर्ष की स्थिति बन सकती है, लेकिन इसे किसी बड़े विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कार्यकर्ताओं में उत्साह होता है, स्थानीय परिस्थितियों के चलते ऐसी स्थितियां आती हैं। इसे महागठबंधन की कमजोरी नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जोश के रूप में देखना चाहिए।
खबरें और भी
इधर कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गहलोत पटना पहुंचने के बाद प्रदेश के नेताओं के साथ गुपचुप बैठक की। इसके बाद वे राजद प्रमुख लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष से मिलने जा पहुंचे। बंद कमरे में नेताओं की बात हुई और राजनीतिक गतिरोध दूर करने पर दोनों नेताओं ने आपसी सहमति बनाई। सूत्रों की माने तो महागठबंधन को लेकर जो भी विवाद उठाए जा रहे हैं उन्हें दूर करने की कोशिश हो रही है। गुरुवार को महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता की बात भी सूत्रों के हवाले सामने आई है।