बिहार में सुखाड़ प्रभावित इलाकों में डीजल अनुदान का एलान, सभी DM से मांगी गई जिले की रिपोर्ट
बिहार सरकार ने मानसून की बेरुखी से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बताया कि ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
HighLights
मानसून की बेरुखी से किसानों को राहत देने का फैसला।
खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान की घोषणा।
किसानों को 12 घंटे बिजली आपूर्ति का भी निर्देश।
राज्य ब्यूरो,पटना। मानसून की बेरुखी से परेशान किसानों को बिहार सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान दिया जाएगा।
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से वर्षा और खेती पर पड़े असर की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलते ही किसानों के बीच अनुदान का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
किसानों को डीजल अनुदान से राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में अनुमान के मुकाबले कम बारिश हुई है। इससे खरीफ फसलों, खासकर धान की खेती प्रभावित हुई है।
ऐसे में किसानों को फसल बचाने के लिए सिंचाई की जरूरत है। सरकार की ओर से डीजल अनुदान देने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसान निजी संसाधनों से सिंचाई कर अपनी फसल को बचा सकें।
इसी के साथ सिंचाई के लिए किसानों को बिजली उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक यानी 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार का दावा है कि दोनों व्यवस्थाओं से किसानों को तत्काल राहत मिलेगी।
विपक्ष ने सदन में उठाया सुखाड़ का मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राज्य में कम बारिश और सुखाड़ जैसी स्थिति का मुद्दा उठाया। राजद के कुमार सर्वजीत ने सरकार से इस पर सदन में वक्तव्य देने की मांग की।
रणविजय साहू ने कहा कि कई क्षेत्रों में सूखे की स्थिति गंभीर है और छह जुलाई तक धान की रोपनी बेहद कम हुई थी।
विपक्षी सदस्यों ने सरकार से किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की। इस दौरान कुछ सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए।
विधानसभा अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शांत हुआ हंगामा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बोलने के लिए खड़े होते ही विपक्षी सदस्य वापस अपने स्थान पर चले गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश के कारण सिंचाई को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार ने कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
इसके अलावा सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जा रहा है। जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मिलते ही डीजल अनुदान का वितरण शुरू किया जाएगा।
सरकार की इन दोनों पहलों का उद्देश्य कम बारिश से प्रभावित किसानों को फसल बचाने के लिए तत्काल सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।