Flood Safety Tips: बाढ़ की चपेट में बिहार, कैसे रखें खुद को सेफ? जरूरी टिप्स और हेल्पलाइन नंबर आएगा काम
बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए यह लेख बाढ़ से पहले, दौरान और बाद में बरती जाने वाली ...और पढ़ें
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बाढ़ से पलायन करते लोग। फोटो जागरण
HighLights
बाढ़ से पहले मोबाइल चार्ज रखें, आपातकालीन किट तैयार करें।
बाढ़ के दौरान पानी में न जाएं, बिजली के खंभों से दूर रहें।
बाढ़ के बाद बच्चों को पानी से दूर रखें, क्षतिग्रस्त बिजली जांचें।
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Flood Safety Tips: बिहार के कई इलाके इस वक्त बाढ़ की चपेट में है। 12 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय एवं अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
वहीं, गंगा, पुनपुन समेत बिहार कई नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी से कई इलाकों बाढ़ का खतरा है। ऐसे में सावधान और जागरूक रहने की बेहद जरूरत है, जिससे आप किसी भी समस्या का मुकाबला कर सकें।
इस स्टोरी में हम बताएंगे के बाढ़ के पहले, बाढ़ के दौरान और बाद में क्या करें। इसके अलावा प्रशासन से मदद के लिए आपको क्या कदम उठाना चाहिए और इमरजेंसी की स्थिति में सरकार के हेल्पलाइन नंबर क्या हैं? तो आइए एक-एक करके शुरू करते हैं।

बाढ़ के पहले क्या करें?
- इमरजेंसी कॉल के लिए अपने मोबाइल फोन को चार्ज रखें और SMS का उपयोग करें।
- TV, रेडियो या मौसम विभाग के मैसेज के जरिए अपडेट लेते रहें। अफवाह नहीं, प्रशासन की सूचना पर भरोसा करें
- मवेशियों / जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें खुला रखें।
- सुरक्षा और अस्तित्व के लिए आवश्यक वस्तुओं के साथ एक आपातकालीन किट तैयार करें।
- वाटर-प्रूफ बैग में अपने दस्तावेज (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) और कीमती सामान रखें ।
- नजदीकी आश्रय / ऊंचाई वाले पक्के घर के सुरक्षित रास्तों के बारे में पूरी जानकारी ले लें।
- सरकारी अधिकारियों के द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों तक पहुंच जाएं।
- कम से कम एक सप्ताह के लिए पर्याप्त तैयार भोजन (जैसे- बिस्किट, सत्तू, लाई, भुना हुआ चना, गुड़ और चूडा आदि) स्टोर करें।
- नहरों, नालों, जल निकासी चैनलों जैसे आकस्मिक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) क्षेत्रों से अवगत रहें।
- पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं।
तटबंध पर मरम्मत करने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल स्थानीय सीओ, प्रखंड प्रशासन या जिला प्रशासन को सूचना दें। गंभीर या तत्काल खतरे की स्थिति में 1070 पर सूचना दें।

पटना में उफनाई गंगा नदी। फोटो- जागरण
बाढ़ के दौरान क्या करें?
- अगर बाढ़ आ गई है तो उसके पानी में प्रवेश न करें। यदि आवश्यकता होती है तो उपयुक्त जूते (फुटवियर) पहने।
- सीवरेज लाइनों, गटर, नालियों, पुलिया इत्यादि से दूर रहें ।
- बिजली से होने वाली मौत से बचने के लिए बिजली के खंभे और गिरी हुई बिजली लाइनों से दूर रहें।
- किसी खुले नाले या मैनहोल को दिखने वाले चिन्ह (लाल झंडे या बैरिकेड्स) से चिह्नित करें।
- बाढ़ के पानी में न चलें और न ही गाड़ी चलाएं। दो फीट बहता बाढ़ का पानी बड़ी कारों को भी बहा सकता है।
- ताजा पका हुआ या सूखा खाना खाएं और अपने भोजन को ढक कर रखें ।
- उबला हुआ या क्लोरीनयुक्त पानी ही पीयें।
- अपने आसपास को साफ रखने के लिए कीटाणुनाशकों का उपयोग करें।
- आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री जैसे-बिस्किट, लाई, भुना हुआ चना, गुड़, चूडा, नमक, चीनी, सत्तू आदि एकत्र करें।
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बाढ़ के बाद क्या करें?
- बच्चों को बाढ़ के पानी में या उसके आसपास खेलने की अनुमति न दें।
- किसी भी क्षतिग्रस्त बिजली के सामान का उपयोग न करें, उनकी जांच करवाएं ।
- यदि निर्देश दिया गया है, तो मुख्य स्विच पर की उपयोगिताओं को बंद कर दे और उपकरणों का कनेक्शन हटा दें। गीले बिजली उपकरणों को न छुएं ।
- टूटे बिजली के खंभे और तारों, तेज वस्तुओं और मलबे के लिए ध्यान रखें ।
- ऐसे भोजन का सेवन न करें जो बाढ़ के पानी में रहा हो।
- मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें।
- पानी की लाइनें / सीवेज पाइप क्षतिग्रस्त होने पर शौचालय या नल के पानी का उपयोग न करें।
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किस समस्या में किससे लें मदद, कहां करें फोन
पानी में फंसे हैं या घर से निकलना जरूरी है, तो प्रशासन द्वारा संचालित सुरक्षित नाव या एसडीआरएफ की मोटरबोट से ही जाएं, छोटी नाव या डेंगी से नहीं। आपात स्थिति में Bihar Flood Helpline Number 1070, सीओ या प्रखंड नियंत्रण कक्ष को जानकारी दें।
मकान खाली करते वक्त क्या करें?
- बिस्तर और मेज (टेबल) पर के उपकरणों, फर्निचर को ऊंचा उठाएं।
- शौचालय के कटोरे में सैंडबैग रखें और मल निकासी के उलट प्रवाह को रोकने के लिए सभी नाली छेदों को कवर करें।
- बिजली और गैस कनेक्शन बंद करें।
- एक ऊंचे स्थान या सुरक्षित आश्रय में जाएं।
- आपातकालीन किट, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स (First Ad Box), कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ रखें ।
- गहरे, अंजान जल क्षेत्र में प्रवेश न करें। पानी की गहराई की जांच के लिए एक छड़ी का उपयोग करें।
- घर वापस तभी आएं जब अधिकारी आपसे ऐसा करने के लिए कहें ।
- एक परिवार संचार योजना बनाएं।
- जो कुछ भी गीला हो गया है उसे साफ और कीटाणुरहित करें।
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