विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में बाढ़ का विकराल रूप: 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित, नदियां उफान पर

By Agency Edited By: Rajat Mourya
Published: Wed, 23 Sep 2026 03:47 PM (IST)

बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे 15 जिलों के 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हो गई हैं।

HighLights

  1. बिहार के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित।

  2. कोसी और गंगा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं।

  3. राहत-बचाव के लिए SDRF, NDRF टीमें तैनात, बारिश का अलर्ट।

एजेंसी, पटना। बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। उफनती नदियों के कारण हालात बिगड़ गए हैं, जिससे राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से ज्यादा लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियों का जलस्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

576 ग्राम पंचायतें जलमग्न

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी 15 जिलों की 576 ग्राम पंचायतों में फैल चुका है।

इस प्राकृतिक आपदा से पटना, भोजपुर, बक्सर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

प्रमुख नदियों की बात करें तो कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला में, जबकि गंगा नदी कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर

प्रशासन द्वारा विस्थापित हुए 7,714 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने छह राहत शिविरों में रखा गया है। इसके अलावा, राज्य भर में तीन सामुदायिक रसोइयां (कम्युनिटी किचन) चलाई जा रही हैं।

विभाग के अनुसार, इन रसोइयों के माध्यम से अब तक बाढ़ पीड़ितों को करीब 1.96 करोड़ बार भोजन परोसा जा चुका है। शिविरों में भोजन के साथ-साथ जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।

बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 27 और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 8 टीमें मोर्चे पर तैनात हैं। पानी से घिरे इलाकों में लोगों की मदद के लिए 391 नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आगे भी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 1 जून से अब तक 661.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह बारिश सामान्य औसत से 29 फीसदी कम है, लेकिन फिर भी इसने बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 23 से 26 सितंबर के बीच राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार में बाढ़ से फसल नुकसान की भरपाई शुरू, 29 सितंबर तक करें आवेदन; ₹22500 प्रति हेक्टेयर तक मिलेगा अनुदान