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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कारोबारियों के लिए खुशखबरी, इस योजना के तहत मिलेगी GST ब्याज और पेनल्टी में छूट

    Updated: Mon, 02 Dec 2024 10:29 AM (IST)

    01 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2020 के बीच की अवधि में तीन वित्त वर्षों के लिए जिन कारोबारियों को नोटिस मिला है वो सभी जीएसटी एमनेस्टी योजना (New GST Amnes ...और पढ़ें

    जीएसटी एमनेस्टी योजना के तहत ब्याज और पेनल्टी में मिलेगी छूट
    जीएसटी एमनेस्टी योजना के तहत ब्याज और पेनल्टी में मिलेगी छूट

    HighLights

    1. जीएसटी एमनेस्टी योजना के तहत करदाताओं को मिलेगी छूट
    2. ब्याज और जुर्माना पहले देने वालों को रिफंड नहीं मिलेगा

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है। पिछले तीन वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में जिन कारोबारियों को नोटिस मिला है, वो सभी जीएसटी ब्याज और पेनल्टी माफी योजना का लाभ ले सकते हैं। यह अवसर जीएसटी एमनेस्टी योजना (New GST Amnesty Scheme) के अंतर्गत मिल रहा है। इसका लाभ लेने के लिए जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

    जीएसटी एमनेस्टी स्कीम 2024 (New GST Amnesty Scheme) क्या है?

    • धारा 128A द्वारा नई GST एमनेस्टी योजना 1 नवंबर 2024 को लागू हुई।
    • इस योजना के तहत पिछले तीन वित्तीय वर्ष के लिए करदाता ब्याज और जुर्माने की छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
    • इस योजना में वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 शामिल हैं।
    • अगर ब्याज और जुर्माना पहले दिया जा चुका है तो रिफंड नहीं होगा।

    जीएसटी परिषद ने कारोबारियों के हित को ध्यान में रखते हुए ब्याज से जुर्माना देने की सिफारिश की थी, जिसके बाद बिहार विधानसभा में विधेयक पेश किया गया।

    जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने के लिए फार्म जीएसटी एसपीएल-01 या फार्म जीएसटी एसपीएल-02 में छूट के लिए आवेदन देना है। इस योजना के अंतर्गत करदाताओं को विलंब शुल्क में एकमुश्त छूट भी दी जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि यह छूट 01 जुलाई, 2017 से 31 मार्च, 2020 के बीच की कर अवधि के लिए बकाया जीएसटी मांगों पर प्रभावी होगी। अर्हता प्राप्त करने के लिए कारोबारियों को देय कर का भुगतान करना होगा और जीएसटी पोर्टल के माध्यम से छूट का आवेदन जमा करना होगा। यह योजना ब्याज और जुर्माना माफ करती है। यह करदाताओं को वास्तविक जीएसटी बकाया का भुगतान करने से छूट नहीं देती है।

    अध्यादेश के बाद विधेयक

    कारोबारियों को नोटिस सीजीएसटी अधिनियम की धारा-73 के अंतर्गत मिला है। बकाया कर के विवाद से मुक्ति के लिए जीएसटी संशोधन विधेयक के माध्यम से अवसर बना है, जो शीतकालीन सत्र में विधान मंडल से पास हो चुका है। हालांकि, यह माफी योजना अध्यादेश के जरिए एक इस वर्ष नवंबर से प्रभावी हो चुका था।

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    इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

    जीएसटी ब्याज और पेनाल्टी माफी योजना का लाभ अनुशासित होकर कर के साथ ब्याज और पेनल्टी जमा करने वाले कारोबारियों को नहीं मिलेगा। जीएसटी संशोधन कानून के अनुसार जो कारोबारी कानून बनने से पहले ब्याज और पेनल्टी के कर जमा कर चुके हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा।

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