बिहार सरकार का पंचायत सचिवों को प्रस्ताव काम पर लौटने पर मांगों पर होगा विचार
बिहार सरकार ने हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों से बिना शर्त काम पर लौटने की अपील की है, आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। पंचाय ...और पढ़ें
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो
HighLights
सरकार ने पंचायत सचिवों से बिना शर्त काम पर लौटने की अपील की।
काम पर लौटने पर मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन।
हड़ताल से सरकारी कार्य बाधित, वैकल्पिक व्यवस्था का निर्देश।
राज्य ब्यूरो, पटना। पंचायत सचिव यदि बिना शर्त हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आते हैं, तो सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से पहल करेगी। बुधवार को पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों से यह अपील की।
उन्होंने कहा कि विभाग उनकी मांगों पर विचार-विमर्श कर रहा है, लिहाजा वे काम पर लौट आएं। उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पंचायत सचिव 8 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
इससे पहले जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखकर सचिव ने निर्देशित किया था कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित अथवा हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति अवधि के लिए 'काम नहीं, तो वेतन नहीं' के सिद्धांत पर अमल का निर्देश दिया था। काम पर वापस नहीं लौटने वाले पंचायत सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई का भी निर्देश था।
बहरहाल विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ जिलों द्वारा पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन हेतु अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इससे राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं। एक बार फिर सभी जिला पदाधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।