यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Jamin Survey: सर्वे करवा चुके जमीन मालिकों को बड़ी राहत, अब सरकार ने इस काम के लिए दे दी मोहलत
Bihar Land Survey 2024 बिहार में जमीन सर्वा करवा चुके जमीन मालिकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इन जमीन मालिकों को अप ...और पढ़ें

HighLights
- अपर मुख्य सचिव ने बंदोबस्त पदाधिकारियों को लिखा पत्र
- 953 गांवों में पूरा हो चुका है सर्वे, इन्हीं रैयतों को मिलेगा लाभ
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Bhumi Survey News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उन रैयतों को थोड़ी राहत दी है, जहां सर्वे पूरा हो चुका है। ऐसे 953 गांवों के रैयत अब भी अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सोमवार को इन गांवों से जुड़े बंदोबस्त पदाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।
नियमानुसार सर्वे के अंतिम अधिकार प्रकाशन के शुरू होने 90 दिनों के भीतर ही बंदोबस्त पदाधिकारी रैयतों के दावा आपत्ति पर सुनवाई कर सकते हैं। यह समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कई जिलों के रैयत बंदोबस्त पदाधिकारी के यहां दावा-आपत्ति दाखिल कर रहे थे।
ऐसे ही जिलों से मुख्यालय से दिशा निर्देश मांगा गया था। जिलों के पत्र के आधार पर विधि विभाग से राय मांगी गई थी। विधि विभाग की राय यह आई कि अंतिम अधिकार अभिलेख के प्रकाशन के बाद सुनवाई के लिए पहले से तय अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके बारे में विभाग अपने स्तर से निर्णय ले सकता है।
वह सक्षम है। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यह आदेश सिर्फ उन्हीं गांवों के लिए है, जहां भूमि सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। राज्य के बाकी हिस्से में सर्वे पहले की तरह चलेगा।
बिहार में जमीन सर्वे क्यों कराया जा रहा है?
बिहार जमीन सर्वे बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है, जिसका उद्देश्य राज्य की सभी जमीनों का विस्तृत और सटीक सर्वेक्षण करना है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा, जिसके जरिए जमीन से जुड़े विवादों का समाधान किया जाएगा और भविष्य में होने वाली जमीन संबंधी समस्याओं को रोका जाएगा।
खबरें और भी
बिहार जमीन सर्वे के मुख्य उद्देश्य हैं
- भूमि अभिलेखों को अपडेट करना: आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुराने और अधूरे भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना।
- भूमि सीमा विवादों का समाधान: भूमि सीमा विवाद, स्वामित्व विवाद और अन्य संबंधित विवादों का समाधान करना।
- भूमि उपयोग नियोजन: सर्वेक्षण डेटा का उपयोग भूमि उपयोग नियोजन और कृषि, उद्योग और अन्य गतिविधियों के लिए भूमि के उचित आवंटन के लिए करना।
- राजस्व संग्रह में सुधार: सटीक भूमि अभिलेखों से राजस्व संग्रह में सुधार करना।
- भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सुधार: विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और कुशल बनाना।
बिहार जमीन सर्वे के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए, आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं और वहां दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते हैं।