यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: बिहार की बड़ी सफलता, श्रम संसाधन विभाग को ऊर्जा दक्षता में मिली 5 स्टार रेटिंग
Bihar News बिहार के श्रम संसाधन विभाग को ऊर्जा दक्षता में बड़ी सफलता मिली है। दरअसल प्रदेश की राजधानी पटना के नियोजन भवन को 5-स्टार रेटिंग से केंद्र स ...और पढ़ें

HighLights
- नियोजन भवन बना पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का प्रतीक
- 'मोर स्टार्स-मोर सेविंग्स' से जुड़े मानकों के आधार पर हुई रेटिंग
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पटना स्थित विभाग के नियोजन भवन को भारत सरकार ने 5-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया है।
‘मोर स्टार्स-मोर सेविंग्स’ मानकों के आधार पर रेटिंग
यह रेटिंग “मोर स्टार्स-मोर सेविंग्स” मानकों के आधार पर दी गई है, जो देश के कंपोजिट क्लाइमेट जोन में ऊर्जा कुशल भवनों को दी जाती है। 1000 केवीए के कम लोड में बेहतर प्रदर्शन करना इस भवन की बड़ी विशेषता है।
ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में विभाग की सफलता के पीछे न केवल तकनीकी उपाय बल्कि निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की समर्पित भागीदारी रही है।
इस उपलक्ष्य में विभाग के सचिव दीपक आनन्द ने एक विशेष बैठक आयोजित कर सभी कर्मचारियों से ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।
विभाग के सचिव का बड़ा संदेश
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ कार्यालय तक सीमित न रहकर हर कर्मचारी के व्यक्तिगत जीवन में भी ऊर्जा संरक्षण की आदत को बढ़ावा देने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि विभाग आगे भी न सिर्फ नियोजन भवन बल्कि प्रदेश भर में स्थित विभागीय भवन में ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देगा।
संतुलित विकास की दिशा में मजबूत कदम
विभाग ने ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों का प्रयोग, सौर ऊर्जा के उपयोग, जल संरक्षण उपाय और न्यूनतम संसाधनों में अधिकतम आउटपुट की नीति को सफलतापूर्वक लागू किया है।
इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति सजगता और वित्तीय अनुशासन को भी नीतिगत प्राथमिकता दी गई है।
यह 5 स्टार रेटिंग न केवल विभाग के लिए गर्व की बात है बल्कि बिहार सरकार के अन्य विभागों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण है, जो राज्य के सतत और पर्यावरणीय संतुलित विकास की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।