Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Land Mutation: दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी

    Updated: Sat, 01 Mar 2025 06:00 AM (IST)

    बिहार में दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। बिना ठोस कारण अस्वीकृत किए गए मामलों के निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने डीसीएलआ ...और पढ़ें

    दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी
    दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी

    HighLights

    1. बिना ठोस कारण के अस्वीकृत दाखिल-खारिज मामलों की सुनवाई कर मार्च 2025 तक निष्पादन करने का आदेश।
    2. आवेदन में दस्तावेज की कमी या त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में मामले अस्वीकृत होते हैं।
    3. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को मेरिट पर विचार कर मामलों का निष्पादन शीघ्र करने का निर्देश।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिना ठोस कारण के अस्वीकृत किए गए दाखिल-खारिज (Bihar Jamin Dakhil Kharij) के मामलों के निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। इसके लिए विभाग ने एक पत्र भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) को दिया है। जिलाधिकारियों को कहा गया है वे इस पर निगरानी रखें।

    पत्र में कहा गया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों को मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश दें।

    आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं। ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रविधान है।

    बिना मेरिट के पेंडिंग हैं मामले

    विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा ऐसे मामले में बिना मेरिट पर विचार किए अधिक समय तक लंबित रखा जाता है। इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है। विभाग की बदनामी भी होती है। ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च, 2025 तक निष्पादन करने का आदेश पत्र में दिया गया है।

    खबरें और भी

    पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को अस्वीकृत करने और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा उन्हें स्वीकृत करने के मामले पर चिंता जताई।

    उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस प्रकार के मामलों की विभाग जांच कराए और इस प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए। पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग की विभिन्न सेवाओं के बारे में संक्षेप में जानकारी दी।

    मिशन मोड में काम करें अधिकारी-कर्मचारी: संजय सरावगी

    राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि वे इस विभाग की कार्य प्रणाली को पूर्ण पादर्शी बनाएंगे।शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियाें से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग की सेवाओं का समय-सीमा के भीतर निष्पादन हो, क्योंकि यह विभाग आम लोगों से जुड़ा है। हर वर्ग के लोग इस विभाग की गतिविधियों से प्रभावित होते हैं।

    सरावगी ने मंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय नेतृत्व सहित सहित प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मंत्री पद मेरे जैसे पार्टी के कार्यकर्ता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी, चुनौती और सम्मान है। पार्टी ने मुझपर जितना भरोसा करके यह जिम्मेदारी सौंपी है, मेरा पूर्ण प्रयास होगा कि मैं अपनी पूरी क्षमता और अनुभव से अपने विभाग को माध्यम बनाकर बिहार की जनता की सेवा कर सकूं।

    ऐसा करने में मैं प्रधानमंत्री की नीतियों, विजन और मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेवा के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा। राज्य में चल रहे भूमि सुधारों के साथ साथ विभाग के काम में पारदर्शिता लाने का प्रयास करूंगा, ताकि जनता का जीवन सरल सुगम और सुलभ बन सके।

    उन्होंने कहा कि वे पार्टी के विश्वास और जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को मिशन मोड में पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करना होगा।

    ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: भूमि सर्वे के बीच दाखिल-खारिज को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, दे दी 25 मार्च की डेडलाइन

    ये भी पढ़ें- Bihar Land Survey: भूमि सर्वे करने वाले 900 कर्मचारियों ने दे दिया इस्तीफा, सामने आई बड़ी वजह