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    बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले बालू-पत्थर वाहनों में अब जीपीएस अनिवार्य, अवैध खनन और परिवहन पर सरकार की सख्ती

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:21 PM (IST)

    बिहार में अब दूसरे राज्यों से आने वाले बालू और पत्थर वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। यह कदम अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ र ...और पढ़ें

    खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार

    खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार 

    HighLights

    1. बालू-पत्थर वाहनों में जीपीएस अब अनिवार्य किया गया।

    2. अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा।

    3. आईएसटीपी से दो माह में 45 करोड़ राजस्व।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में अन्य राज्यों से बालू और पत्थर लेकर आने वाले सभी वाहनों में अब जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इस व्यवस्था से वाहनों की निगरानी आसान होगी और अवैध खनन व परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

    रोजाना 4,000 वाहन कर रहे बिहार में प्रवेश

    मंत्री ने बताया कि इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिदिन करीब 4,000 वाहन दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश कर रहे हैं। इन वाहनों की ऑनलाइन निगरानी के लिए जीपीएस व्यवस्था लागू की जा रही है।

    दो महीने में सरकार को मिले 45 करोड़ रुपये

    डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि आईएसटीपी व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले लगभग दो माह में राज्य सरकार को 45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

    इससे खनिज परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    ट्रांजिट पास से बढ़ी निगरानी और पारदर्शिता

    मंत्री के अनुसार ट्रांजिट पास और जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली से खनिजों के परिवहन पर बेहतर नियंत्रण संभव हुआ है। इससे अवैध परिवहन की पहचान करना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।

    1,000 खनन सिपाहियों की होगी बहाली

    सरकार ने अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनन सिपाही के 1,000 पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

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    जीपीएस और अतिरिक्त मैनपावर से लगेगी लगाम

    मंत्री ने कहा कि जीपीएस तकनीक और अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी। सरकार इस दिशा में लगातार सख्त कदम उठा रही है।