यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MBBS विद्यार्थियों के पक्ष में बिहार सरकार, केंद्र और NMC को लिखा पत्र; 860 सीटों पर नामांकन निरस्त करने का है मामला
Bihar Medical Students एमबीबीएस की 860 सीटों पर नामांकन अमान्य घोषित करने के मामले में बिहार सरकार ने केंद्र और एनएमसी को पत्र लिखा है। बिहार सरकार एम ...और पढ़ें

HighLights
- राज्य सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एनएमसी को पत्र लिखा है।
- अपर मुख्य सचिव ने पत्र में स्पष्ट किया है कि नामांकन में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
- अपर मुख्य सचिव ने पत्र में कहा कि एमबीबीएस के नामांकन में विलंब के कई तकनीकी कारण रहे हैं।
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar MBBS Students राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की 860 सीटों पर नामांकन अमान्य घोषित करने के मामले में राज्य सरकार विद्यार्थियों के पक्ष में खड़ी हो गई है।
शैक्षणिक सत्र 2023-24 में 30 सितंबर के बाद नामांकन कराने वाले विद्यार्थियों के समर्थन में राज्य सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एनएमसी को पत्र लिखा है। इसमें 30 सितंबर के बाद लिए गए एमबीबीएस विद्यार्थियों के नामांकन की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है।
'किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई'
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस आशय का पत्र शुक्रवार को ही स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी को भेज दिया है। अपर मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार को भेजे गये पत्र में स्पष्ट किया है कि इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। एमबीबीएस के नामांकन में विलंब के कई तकनीकी कारण रहे हैं।
'एनएमसी गाइलाइन का रखा गया ध्यान'
उन्होंने पत्र में बताया कि इसमें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की आधी सीटों पर सरकारी शुल्क के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रविधान को लागू किया गया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जो भी नामांकन किया गया है, वह एनएमसी की गाइडलाइन को ध्यान में रखकर और आनलाइन नामांकन के द्वारा किया गया है।
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पत्र के मुताबिक, राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में पारदर्शी तरीके से सभी विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। मालूम हो कि एनएमसी की ओर से 30 सितंबर तक नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। बिहार सहित अन्य राज्यों में 30 सितंबर के बाद भी एमबीबीएस में नामांकन लिया गया है, जिसे अमान्य करार दे दिया गया है।