दिलीप जायसवाल बोलेगा तो कहर ढहेगा...; बिहार के राजस्व मंत्री ने दी चेतावनी
बिहार के राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को जनता के प्रति ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करने की सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि विभा ...और पढ़ें

पत्रकारों से बात करते मंत्री दिलीप जायसवाल। वीडियो ग्रैब
HighLights
अधिकारियों को ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करने का निर्देश।
राजस्व विभाग को तकनीकी और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
लापरवाही या भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश देते हुए साफ कहा है कि जनता के प्रति ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करें।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग की चुनौतियों को अवसर में बदलना सरकार की प्राथमिकता है।
विभाग को पूरी तरह तकनीकी और पारदर्शी व्यवस्था की ओर ले जाया जा रहा है, ताकि लोगों को जमीन संबंधी मामलों में त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान मिल सके।
जनता के प्रति जिम्मेदार बनें अधिकारी
उन्होंने कहा कि विभागीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करें। यदि व्यवस्था में लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आया तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने अपने पूर्व कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में करीब 100 वर्षों बाद कैडस्ट्रल और रिविजनल सर्वे का कार्य कराया गया।
इसके तहत लगभग डेढ़ करोड़ परिवारों का सर्वे हुआ और 11 हजार अमीनों की बहाली की गई। उस समय कई तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं, लेकिन सरकार ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला।
उन्होंने कहा कि जमीन विवाद बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है, हालांकि केवल 15 से 16 प्रतिशत जमीनों में ही गंभीर विवाद की स्थिति है।
अब सब कुछ हो रहा कंप्यूटराइज्ड
पहले भू-माफिया रजिस्टर-2 के पन्ने तक फाड़ देते थे, लेकिन अब करोड़ों दस्तावेजों की स्कैनिंग करा दी गई है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित और पारदर्शी हो गए हैं।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि विभाग में तेजी से कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है और पूरी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें बार-बार निर्देश देने की नौबत नहीं आनी चाहिए।दो टूक कहा कि एक दिन पहले उन्होंने बैठक की थी।
पदाधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट कहा है कि मुझे ज्यादा बोलना नहीं पड़े। यदि बोलना पड़ा तो कहर ढहेगा। इसलिए बोलना नहीं पड़े तब सब सुधर जाएं।
एक-एक लोग जनता के प्रति जिम्मेदार बनें। सारा सस्टिम इमानदारी और जिम्मेदारी से काम करे तो ऐसे लोगों का सम्मान करेंगे।