बिहार विधानसभा में घिरी सरकार: सोलर स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर मंत्री दीपक प्रकाश को NDA विधायकों ने ही घेरा
बिहार में एनडीए विधायकों ने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को खराब सोलर स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर घेरा। ...और पढ़ें
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पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
एनडीए विधायकों ने मंत्री दीपक प्रकाश को सोलर लाइटों पर घेरा।
बिहार में 70% सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब, ठेकेदारों पर आरोप।
विधानसभा अध्यक्ष ने खराब लाइटों की विस्तृत जांच का सुझाव दिया।
राज्य ब्यूरो, पटना। सोलर स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को एनडीए के विधायकों ने चौतरफा घेरा।
अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से जदयू के श्याम रजक ने 70 प्रतिशत लाइटों के नहीं जलने और राशि लेकर संवेदकों के निकल जाने का मुद्दा उठाया।
मंत्री ने कहा कि आरोप पूर्णतया सही नहीं। इस पर दूसरे सदस्य भी आईना दिखाने लगे। हस्तक्षेप करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंत्री को जांच कराने का सुझाव दिया।
मंत्री ने कहा कि संवेदकों की 30 प्रतिशत राशि पांच वर्षों तक पंचायत के पास सुरक्षित रहती है। मरम्मत नहीं करने पर भुगतान रोका जाता है और कार्रवाई होती है।
जहां लाइटें खराब हैं, वहां मरम्मत हो रही। अभी 57 प्रतिशत लाइटें ही लगाई गई हैं। इससे असंतुष्ट श्याम रजक ने कहा कि अधिसंख्य सोलर लाइटें बुझी हुई हैं और संवेदक पैसा लेकर भाग गए।
भाजपा के जिवेश मिश्र और जदयू के अजीत कुमार ने मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50 से 70 प्रतिशत तक सोलर लाइटें बंद हैं। चलिए तो घुमाकर दिखा दें।
जिवेश मिश्र ने कहा कि सरकार यह स्वीकार करे कि बड़ी संख्या में लाइटें नहीं जल रही हैं। उन्होंने खराब लाइटों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्न उठाया।
अजीत कुमार ने कहा कि कांटी क्षेत्र की तीन पंचायतों में निरीक्षण के दौरान लगभग 70 प्रतिशत लाइटें गुल मिलीं। उनमें सर्वाधिक गरीब बस्तियों की थीं। जितेंद्र राय ने कहा कि एक लाइट लगाने में 30 से 32 हजार रुपये खर्च होते हैं, जो जनता का धन है।
दुकान हेतु आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन भी
पूर्वी चंपारण में जिला परिषद की दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन भी होगी और ऑनलाइन भी। विधायक राजू तिवारी के तारांकित प्रश्न पर पंचायती राज मंत्री को विधानसभा अध्यक्ष ने ऐसी व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इससे हर तरह के इच्छुक आवेदक लाभान्वित होंगे और शिकायतों की गुंजाइश नहीं रहेगी।