Bihar MMR Rate 2026: बिहार में मातृ-मृत्यु दर में भारी कमी, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने बताया बड़ी उपलब्धि
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिहार में मातृ-मृत्यु अनुपात (MMR) में उल्लेखनीय गिरावट को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया है। ...और पढ़ें

गर्भवती महिला की सांकेतिक तस्वीर
HighLights
मातृ-मृत्यु दर 104 से घटकर 96 हुई।
NDA सरकार के स्वास्थ्य सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण।
स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत को मंगल पांडेय ने सराहा।
राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बिहार में मातृ - मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
यह प्रशंनीय है। यह स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों व पदाधिकारियों की अथक मेहनत का प्रतिफल है। जो इस बात को प्रमाणित करता है कि पूर्व की सरकार की तुलना में एनडीए सरकार ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अतुलीय योगदान दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने जो विकास की नींव रखी है, उसे मौजूदा एनडीए सरकार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कायम रखेगी यही मंगल कामना है।
ताजा आंकड़ा बिहार के लिए गर्व का विषय है। राज्य की सुदृढ़ होती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बिहार में मातृ- मृत्यु दर अब प्रति 1 लाख प्रसव पर घटकर 96 हो गई है, जो पहले 104 थी।
यह भारी गिरावट विगत वर्षों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों, जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्यकर्मियों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
स्वास्थ्यकर्मियों को दी बधाई
पांडेय ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा का विस्तार, उच्च जोखिम गर्भावस्था की ट्रैकिंग और जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक व एसएनसीयू की स्थापना से प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में भारी कमी आई है।
उन्होंने कहा, "मैं बिहार के सभी चिकित्सकों, नर्सों, एएनएम, आशा दीदियों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बधाई देता हूं जिनकी मेहनत से यह संभव हुआ।"
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाना निशांत की सर्वोच्च प्राथमिकता : जदयू
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को कहा कि निशांत स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़़ आधुनिक एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में निरंतर कर रहे हैं। राज्य के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री लगातार विभागीय कार्यों की मानीटरिंग एवं समीक्षा कर रहे हैं। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से जिला अस्पतालों की नियमित समीक्षा के साथ-साथ वे मरीजों से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक भी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
निशांत विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रहे हैं। विभागीय स्तर पर व्यापक अभियान चलाकर पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड से जोड़़ा जा रहा है, ताकि गरीब, कमजोर एवं आर्थिक रूप से पिछडे़ लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पडे़ और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सके।