नए वित्तीय वर्ष से लागू होगी वीबी-जी राम जी योजना, चार श्रेणियों में मिलेगा 125 दिन रोजगार
केंद्र सरकार के विकसित भारत 2047 लक्ष्य के तहत बिहार में नए वित्तीय वर्ष से मनरेगा की जगह वीबी-जी राम (जी) योजना लागू होगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों ...और पढ़ें

वीबी-जी राम (जी) योजना में चार श्रेणियों में मिलेगा 125 दिन रोजगार। सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, पटना। केंद्र सरकार के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत संरचना, समावेशी विकास व आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में नए वित्तीय वर्ष में मनरेगा के स्थान पर वीबी-जी राम (जी) योजना लागू की जा रही है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को 125 दिन की रोजगार गारंटी दी जाएगी।
डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर के अनुसार इस नई व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचना निर्माण को गति मिलेगी, आजीविका के अवसर बढ़ेंगे व मनरेगा की तुलना में अधिक पारदर्शिता होगी। योजना का लाभ लेने के लिए पंचायतों को युक्तधारा पोर्टल पर योजनाएं अपलोड करनी होंगी। वीबी-जी राम (जी) योजना चार श्रेणियों में लागू होगी। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती व जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
जल-भूमि संबंधित कार्य
नहर निर्माण, बाढ़ व ड्रेनेज चैनल, चेकडैम, तालाबों का जीर्णोद्धार, सिंचाई कुएं, सूक्ष्म सिंचाई चैनल, भूमि सुधार, वृक्षारोपण, छत वर्षा व जल संचयन जैसे कार्य किए जाएंगे।
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा
ग्रामीण सड़क-पुलिया, ग्राम संयोजन मार्ग, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, स्कूलों में आधारभूत संरचना, श्मशान घाट, ठोस व तरल कचरा प्रबंधन परिसंपत्तियां, नवीकरणीय ऊर्जा ढांचा, परिवहन सुविधाएं, ग्रामीण आवास योजना से जुड़े कार्य व जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत व रखरखाव शामिल हैं।
आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा
प्रशिक्षण व कौशल विकास केंद्र, कार्यशेड, ग्रामीण हाट-बाजार, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों के लिए भवन, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, पशु व मुर्गी शेड, मत्स्य पालन ढांचा व नर्सरी विस्तार जैसे कार्य होंगे।
आपदा तैयारी से जुड़े कार्य
बाढ़ आश्रय स्थल निर्माण, तटबंध व जल संरचनाओं का निर्माण, की पुनः मरम्मत, आपदा पश्चात पुनर्वास, पवन अवरोधक वृक्षारोपण तथा जंगल की आग प्रबंधन से जुड़े कार्य होंगे।