यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: बिहार में हर 50 किलोमीटर पर कैमरे-रडार लगे वाहनों से होगी गश्ती, 28 ट्रैफिक थाने को मिली जिम्मेदारी
Bihar News Today बिहार में सबसे अधिक हादसे वा एनएच पर अत्याधुनिक वाहनों से गश्ती की जाएगी। प्रत्येक 50 किमी पर कैमरे और रडार से लैस वाहन गश्ती करेंग ...और पढ़ें

HighLights
- 1125 किमी एनएच की होगी निगरानी
- 1560 मानवबल की भी मिली स्वीकृति
- डायल-112 से भी जुड़े होंगे गश्ती वाहन
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार में सबसे अधिक दुर्घटना वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर अत्याधुनिक वाहनों से गश्ती (पेट्रोलिंग) की जाएगी। प्रत्येक 50 किमी पर कैमरे और रडार से लैस वाहन गश्ती करेंगे। नियमाें का उल्लंघन करने पर इन वाहनों की मदद से ई-चालान भी काटा जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पहले चरण में सर्वाधिक दुर्घटना वाले चार एनएच का चयन किया गया है। इनमें इनमें एनएच-28 (छपरा-बेतिया-लौरिया-बगहा), एनएच-30 (पटना-बख्तियारपुर), एनएच-31 (बरौनी-मुजफ्फरपुर-पिपराकोठी) और एनएच-57 (मुजफ्फरपुर-दरभंगा-पूर्णिया) शामिल हैं।
इन चार एनएच पर कुल 1125 किमी की दूरी की निगरानी के लिए 23 राजमार्ग गश्ती वाहन लगाए जाएंगे। यह वाहन फोरडी स्पीड रडार और कैमरों से लैस होंगे जो आटोमैटिक चालान निर्गत कर सकेंगे। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए वाहन में गैस कटिंग मशीन, ट्रैफिक कोन, फोल्डेबल स्ट्रेचर आदि उपकरण भी होंगे।
इन वाहनों को डायल-112 से जोड़ा गया है, जो एनएच पर दुर्घटना होने पर फर्स्ट रिस्पांडर की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा एनएच पर हादसे रोकने के लिए राजमार्ग पेट्रोल योजना के तहत 1560 मानव बल की स्वीकृति भी दी गई है।
इसके अलावा शहर के अंदर बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए भी नए 56 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। यह वाहन नवगठित 28 ट्रैफिक थानों को दिए गए हैं। हर नए ट्रैफिक थाने को दो-दो नए वाहन मिले हैं। इनमें एक वाहन यातायात थाने जबकि दूसरा वाहन डीएसपी यातायात के लिए स्वीकृत किया गया है।