Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Bihar Police Transfer Scam: तीन पुलिस अफसरों के फर्जी तबादले का आदेश वायरल, पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    Updated: Thu, 21 May 2026 09:40 PM (IST)

    Bihar Police Fake Transfer Order: बिहार पुलिस में तीन अधिकारियों के फर्जी तबादले का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे हड़कंप मच गया। जांच के बाद पत ...और पढ़ें

    पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन पुलिस अधिकारियों के तबादले से जुड़ा एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह कथित आदेश बुधवार देर रात तेजी से इंटरनेट मीडिया पर फैलने लगा।

    हालांकि जांच में पता चला कि यह आदेश गृह विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं किया गया था। इसके बावजूद वायरल दस्तावेज को देखकर पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस मुख्यालय ने शुरू की जांच

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया कि वायरल किया गया आदेश पूरी तरह फर्जी है।

    इसके बाद डीजीपी के निर्देश पर मामले की गहन जांच की गई। जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले में विभाग के अंदर काम करने वाले एक पुलिसकर्मी की भूमिका है।

    फर्जी आदेश जारी करने वाला गिरफ्तार

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फर्जी अधिसूचना जारी करने वाला व्यक्ति पुलिस कार्यालय में ही कार्यरत था।

    फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने यह फर्जी आदेश किस उद्देश्य से जारी किया और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।

    तीन अफसरों के तबादले का किया गया था दावा

    वायरल फर्जी अधिसूचना में तीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के तबादले का दावा किया गया था। दस्तावेज में उन्हें सारण, मोतिहारी और बेगूसराय का ग्रामीण एसपी बनाए जाने की बात लिखी गई थी।

    आदेश देखने के बाद कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। हालांकि समय रहते मामले का खुलासा हो गया।

    सोशल मीडिया पर फैलाया गया था आदेश

    जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी आदेश को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से वायरल किया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आदेश को कितने लोगों तक भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल थे।

    खबरें और भी

    अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ बेहद गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस विभाग में बढ़ाई गई सतर्कता

    घटना के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी आदेश की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल और विभागीय माध्यमों से ही करें।

    पुलिस विभाग का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर मॉनिटरिंग और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।