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    नीतीश अकेले नहीं… बिहार के सात सीएम अपने बेटों को सियासत में ला चुके, अब निशांत की बारी

    Updated: Sat, 07 Mar 2026 12:08 PM (IST)

    Bihar Political Dynasties: बिहार की राजनीति में पारिवारिक विरासत कोई नई बात नहीं है। कई पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किय ...और पढ़ें

    HighLights

    1. बिहार में कई पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों ने राजनीति में प्रवेश किया।

    2. तेजस्वी यादव, नीतीश मिश्रा जैसे बेटे सक्रिय राजनीति में हैं।

    3. अब नीतीश कुमार के बेटे निशांत के डेब्यू पर सबकी नजर।

    राधा कृष्ण, पटना। बिहार की राजनीति में पारिवारिक विरासत कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर राज्य के कई बड़े नेताओं ने अपने बाद अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपने बेटों को राजनीति में उतारा है। अब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के संभावित राजनीतिक डेब्यू के साथ यह चर्चा फिर तेज हो गई है।

    दरअसल, बिहार के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक सात ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिनके बेटे सक्रिय राजनीति में आए और कई ने बड़ी राजनीतिक पहचान भी बनाई।

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    लालू-राबड़ी की विरासत संभाल रहे तेजस्वी और तेजप्रताप

    बिहार की राजनीति में सबसे चर्चित राजनीतिक परिवार Lalu Prasad Yadav और Rabri Devi का है। उनके दोनों बेटे Tejashwi Yadav और Tej Pratap Yadav सक्रिय राजनीति में हैं।

    तेजस्वी यादव आज बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और नेता प्रतिपक्ष के रूप में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, जबकि तेजप्रताप यादव भी राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं।

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    जगन्नाथ मिश्रा की विरासत को आगे बढ़ाते नीतीश मिश्रा

    पूर्व मुख्यमंत्री Jagannath Mishra के बेटे Nitin Nabin Mishra नहीं बल्कि Nitish Mishra ने भी राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

    नीतीश मिश्रा बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं में गिने जाते हैं। वे लगातार सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

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    भागवत झा आजाद के बेटे भी बने नेता

    पूर्व मुख्यमंत्री Bhagwat Jha Azad के बेटे Kirti Azad ने भी राजनीति में कदम रखा और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।

    किर्ति आजाद पहले क्रिकेटर के रूप में मशहूर हुए और बाद में राजनीति में सक्रिय होकर सांसद भी बने। वे लंबे समय तक संसद में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।

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    जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन

    पूर्व मुख्यमंत्री Jitan Ram Manjhi के बेटे Santosh Kumar Suman भी सक्रिय राजनीति में हैं।

    संतोष सुमन हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

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    पुराने दौर में भी दिखी थी राजनीतिक विरासत

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री Satendra Narayan Sinha के बेटे Nikhil Kumar भी राजनीति में आए और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

    इसी तरह समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Karpoori Thakur के बेटे Ramnath Thakur भी सक्रिय राजनीति में रहे और राज्यसभा सदस्य तक बने।

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    अब निशांत कुमार की एंट्री पर नजर

    अब सबकी नजर इस बात पर है कि Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar किस तरह से राजनीति में अपनी भूमिका तय करते हैं। अगर वे सक्रिय राजनीति में आते हैं तो यह बिहार की सियासत में एक और राजनीतिक विरासत का विस्तार माना जाएगा।

    हालांकि राजनीति में विरासत मिलना आसान होता है, लेकिन जनता के बीच अपनी पहचान बनाना हर नेता के लिए अलग चुनौती होती है। यही कारण है कि बिहार की राजनीति में अब निशांत कुमार की संभावित पारी को लेकर उत्सुकता भी है और चर्चा भी।

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