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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: जातीय गणना पर पीठ थपथपाने की होड़, तेजस्वी ने लालू तो चौधरी ने नीतीश को दिया क्रेडिट

    Updated: Fri, 02 May 2025 08:34 AM (GMT+05:30)

    जातीय गणना कराने के केंद्र सरकार के फैसले का श्रेय लेने की होड़ मची है। तेजस्वी यादव ने इसका श्रेय लालू प्रसाद को दिया जबकि जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ...और पढ़ें

    जातीय गणना का श्रेय देने में जुटे नेता
    जातीय गणना का श्रेय देने में जुटे नेता

    HighLights

    1. नीतीश कुमार ने सबसे पहले उठाई जातीय गणना की मांग- विजय कुमार चौधरी
    2. राजद मे लालू प्रसाद को दिया जातीय गणना का श्रेय, कार्यालय के सामने लगा पोस्टर

    राज्य ब्यूरो, पटना। Caste Census: जनगणना के साथ जातियों की गणना कराने के केंद्र सरकार के निर्णय का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इसका बड़ा श्रेय अपने पिता और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को दे रहे हैं। उधर सत्तारूढ़ जदयू के नेता इसका श्रेय सीएम नीतीश कुमार को दे रहे हैं।

    सीएम नीतीश कुमार को श्रेय

    संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विपक्ष जबरन श्रेय लेने का पाखंड कर रहा है। सच यह है कि इसकी पहल और बिहार में इसका संपूर्ण नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। विपक्ष की भूमिका समर्थन देने तक सीमित रही है। समर्थन देने और किसी पहल की शुरुआत करने में गहरा अंतर होता है।

    2019-20 में उठाई मांग

    2019-20 में सबसे पहले नीतीश कुमार ने यह मांग उठाई थी कि वर्ष 2021 की जनगणना जातीय आधार पर हो। विधानसभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। उस समय राज्य में एनडीए की सरकार थी।

    वर्ष 2022 में जब बिहार में पहली बार जातीय गणना का निर्णय लिया गया, तब भी एनडीए की ही सरकार थी। आइएनडीआइए की बैठक में जब नीतीश कुमार ने जाति आधारित गणना का प्रस्ताव दिया था, तब राहुल गांधी और ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने इसका विरोध किया था।

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    राजद के प्रदेश कार्यालय के सामने लगा पोस्टर

    इधर, मुख्य विपक्षी दल राजद के प्रदेश कार्यालय के सामने बड़ा पोस्टर लगाकर जाति गणना का श्रेय लालू प्रसाद को दिया गया है। तेजस्वी यादव ने गुरुवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह लालू प्रसाद के लंबे संघर्ष की जीत है।

    उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि यह गणना लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन से पहले होगी। यह उनके चेहरे पर तमाचा है, जो हमारे दल पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगा रहे थे।

    उन्होंने कहा कि जबतक जातियों की सही संख्या का पता नहीं चलता, तब तक पिछड़ी जातियों को देश मुख्यधारा में लाने का प्रयास सफल नहीं होगा। तेजस्वी ने अपने पिता की उस टिप्पणी की भी चर्चा की, जिसमें लालू प्रसाद ने कहा था कि आरएसएस और भाजपा का कान पकड़ कर और दंड बैठक करवा कर इनसे जातिगत जनगणना करवाएंगे।

    शनिवार को रालोमो की आभार यात्रा

    राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी तीन मई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर आभार यात्रा निकालेगी। इसके माध्यम से रालोमो जाति आधारित गणना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करेगी।

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