यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: JDU-RJD के बीच अब छिड़ा 'विज्ञापन War', नीतीश-लालू की पार्टियां इस अंदाज में दे रहीं एक-दूसरे को जवाब
Bihar Politics बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद लालू यादव और नीतीश कुमार की पार्टी के बीच विज्ञापन की जंग छिड़ गई है। फिलहाल बिहार के इन दो प्रमुख दलो ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार से राजद हटे इसके पहले राजद ने दिया था विज्ञापन
- अब राजद को जदयू ने दिया उसी अंदाज में दिया अपना जवाब
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today बिहार की राजनीति, यहां की सत्ता में जदयू-राजद की राहें अलग-अलग हो चुकी हैं। बीते सत्रह महीने से साथ-साथ चलने वाले दो दलों के बीच पहले मनभेद हुआ इसके बाद मतभेद भी हो गए। नतीजा दोनों अलग हो गए।
जदयू ने जहां राजद से अलग होकर भाजपा के साथ नई सरकार गठित कर ली, वही राजद प्रतिपक्ष की भूमिका में आ गया है। फिलहाल बिहार के इन दो प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग चल रही है। दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे पर नाना प्रकार के आरोप प्रत्यारोप में लगे हैं।
आरोप- प्रत्यारोप के दौर में राजद
आरोप- प्रत्यारोप के दौर में राजद, एनडीए के 17 साल बनाम महागठबंधन के 17 महीने को आधार बनाकर यदि जदयू या यूं कहें की नई सरकार पर हमलावर है जवाब में जदयू भी चुप नहीं। वह भी अपने ही अंदाज में राजद को पूरा जवाब देने में जुटा हुआ है।
राजद यह जताने की कोशिश कर रहा है कि बीते 17 महीने में उप मुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी ने अपने विजन और सोच के आधार पर विकास की बड़ी लकीर खींची है तो जदयू 2005 से लेकर आज तक हुए विकास, कामों को नीतीश कुमार की दूरगामी सोच का नतीजा बता रहा है। दोनों दलों के बीच क्रेडिट लेने की जंग में बिहार में दो अखबारी विज्ञापन विशेष आकर्षण और चर्चा में हैं।
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विज्ञापन ने सारी तस्वीर कर दी साफ
हम आपको बताना चाहते हैं कि 28 जनवरी यानी जिस दिन नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार से नाता तोड़ा और अपना इस्तीफा राज भवन को सौंप एनडीए के साथ नई पारी की शुरुआत की उसके महज चंद घंटे पहले जब लोगों ने सुबह का अखबार खोला तो उनकी नजर एक विज्ञापन पर पड़ी।
जिसने सारी तस्वीर साफ कर दी। यह विज्ञापन राजद महागठबंधन परिवार की ओर से जारी किया गया था। इस विज्ञापन का सार कुछ यूं था कि धन्यवाद तेजस्वी, आपने कहा, आपने किया और आप ही करेंगे।
एक पन्ने के इस विज्ञापन में तेजस्वी यादव को यह क्रेडिट देने की कोशिश की गई की उनके नेतृत्व में चार लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई। लाखों बहाली एवं नौकरियों को प्रावधान किया गया। देश में पहली बार जाति आधारित गणना कराई गई।
आरक्षण के दायरे को बढ़ाकर 75% तक किया गया। नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया गया। स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए काम किए गए शहर में वाटर ड्रेनेज की व्यवस्था की गई।
राजद के उस विज्ञापन का जवाब दिया
इसके अलावा मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना, टूरिज्म पॉलिसी स्पोर्ट्स पॉलिसी और आईटी पॉलिसी लागू करने का क्रेडिट भी तेजस्वी को दिया गया। अब जबकि राज्य में नई सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है तो जदयू ने राजद के उस विज्ञापन का जवाब दिया है।
जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने प्रदेश वासियों के हवाले एक विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया है। इस विज्ञापन में कहा गया है कि मेरा नेता मेरा अभियान। इसके अलावा नीतीश कुमार को धन्यवाद भी प्रेषित किया गया है। विज्ञापन में 2005 से आज तक किए कार्यो का मोटा-मोटी लेखा है।
2005 में 23800 करोड़ का बजट था जो कि 2023-2024 में बढ़कर 261885 करोड़ का हुआ। एससी-एसटी के उत्थान के लिए अलग से विभाग का गठन एवं बजट का प्रावधान। समाज कल्याण विभाग से अलग पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्गों के विकास के लिए अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का गठन।
साइकिल पोशाक योजना से शिक्षा की अलग जगाने। सात निश्चय एक और सात निश्चय दो से बिहार की बदलती तस्वीर, घर-घर बिजली पहुंचाने स्वच्छ जल पहचाने हर गांव कस्बे तक पक्की सड़क पक्की नाली और गली, पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनाव में महिलाओं को पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का जिक्र किया गया है।
इसके अलावा, राज्य की नौकरियों में लड़कियों को आरक्षण, 94 लाख गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता, कृषि रोड मैप से राज्य में उत्पादकता बढ़ाने, गेहूं एवं चावल के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही राज्य के 5 लाख युवाओं को विभिन्न विभागों में नौकरी और स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसे कार्यो का हवाला दिया गया है। इन दो विज्ञापनों के की चर्चा फिलहाल बिहार में हर जगह हो रही है।