Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार के प्राइमरी स्कूलों में हर 30 छात्रों पर होगा 1 शिक्षक, शिक्षा विभाग ने जिला पदाधिकारियों को भेजा पत्र

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 08:08 PM (IST)

    बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नए मानक जारी किए हैं, जिसमें प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात और विषयवार शिक्षकों की सं ...और पढ़ें

    बिहार के स्कूलों में पढ़ाई। फाइल फोटो

    बिहार के स्कूलों में पढ़ाई। फाइल फोटो

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षकों के स्थानांतरण नियमावली आने के बाद विद्यालयों में शिक्षकों के उपलब्धता के मानक काे खंगाला जाने लगा है। शिक्षकों की उपलब्धता मानक के आधार पर ही स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को शिक्षकों के उपलब्धता मानक के संबंध में पत्र भेजा है। इस संबंध में यह जानकारी दी गयी है कि पहली से पांचवीं कक्षा तक अगर विद्यार्थियों की संख्या साठ है, तो शिक्षकों की संख्या केवल दो होगी।

    अगर पहली से पांचवीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 61 है, तो शिक्षकों की संख्या दो से बढ़कर तीन हो जाएगी। इसी तरह विद्यार्थियों की संख्या अगर 91 से 120 के बीच है, तो वहां शिक्षक चार की संख्या में होंगे।

    अगर विद्यार्थी 121 से 150 के बीच है, तो शिक्षक का मानक पांच का हो जाएगा। जिस विद्यालय में 150 से अधिक बच्चे हैं तो वहां पांच से अधिक शिक्षक हा्ेंगे और एक पद प्रधान शिक्षक का भी होगा। छात्र-शिक्षक अनुपात 30 से अधिक का नहीं होगा।

    विषय के हिसाब से शिक्षक 

    छठी से आठवीं कक्षा के लिए शिक्षकों की उपलब्धता मानक के संबंध में यह जानकारी दी गयी कि प्रति कक्षा कम से कम एक शिक्षक होंगे। इनमें एक विज्ञान व गणित, एक सामाजिक अध्ययन व एक सामान्य हिंदी के शिक्षक होंगे।

    खबरें और भी

    जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 105 से 140 है, वहां अतिरिक्त चौथे शिक्षक अंग्रेजी विषय के होंगे। वहीं 140 से 175 के बीच छात्रों की संख्या है तो अतिरिक्त पांचवां शिक्षक संस्कृत या उर्दू का होगा।

    शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि कक्षा एक से आठ तक के प्रारंभिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों की संख्या निर्घारण में कक्षा एक से पांच तथा कक्षा छह से आठ को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई मानकर आवश्यकता आकलन किया जाए। प्रशासनिक दृष्टि से विद्यालय में एक ही प्रधानाध्यापक रहेंगे। शिक्षा विभाग का स्वयं मानना है कि कई विद्यालयों में मानक अनुसार न्यूनतम शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।

    यह भी पढ़ें- खान सर की बढ़ सकती हैं मुश्किलें: बॉडीगार्ड्स के गन लाइसेंस पाए गए अवैध, केस डायरी हुई अपडेट

    यह भी पढ़ें- BPSC TRE-4: बिहार शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अब मेधा सूची से होगा 38 जिलों का आवंटन