बिहार के 22 जिलों में बदलने वाली है ट्रैफिक की तस्वीर; 141 नए ROB की तैयारी, रेल मंत्री को लिखा पत्र
बिहार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को 141 रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए पत्र लिखा है। यह पहल रेलवे क्रॉस ...और पढ़ें

बिहार के 22 जिलों में नए आरओबी का होगा निर्माण। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पथ निर्माण मंत्री ने 141 आरओबी के लिए पत्र लिखा।
जाम, दुर्घटनाएं और प्रदूषण कम करने का लक्ष्य।
पटना सहित कई जिलों में आरओबी का प्रस्ताव।
राज्य ब्यूरो, पटना। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को बिहार में 141 रेल ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण के लिए पत्र लिखा है।
इसके साथ ही उन स्थानों की सूची भी सौंपी है, जहां राज्य सरकार आरओबी बनवाना चाहती है। पथ निर्माण मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को काफी परेशानी होती है।
सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने राज्य के सभी समपार फाटकों पर आरओबी निर्माण का निर्णय लिया था।
78 आरओबी को पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृति
इस क्रम में 219 समपार फाटकों पर आरओबी निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे बोर्ड द्वारा 78 आरओबी निर्माण योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
शेष बचे 141 समपार फाटकों में से अधिकांश पर यातायात का अत्यधिक दबाव है, जिसके कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
इससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। इन समस्याओं को देखते हुए इन स्थानों पर आरओबी का निर्माण आवश्यक बताया गया है। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
पटना, गया समेत कई जिलों का भेजा प्रस्ताव
जिन जिलों में आरओबी निर्माण का आग्रह किया गया है, उनमें अररिया, कटिहार, किशनगंज, सिवान, गोपालगंज, सारण, सहरसा, जमुई, समस्तीपुर, नालंदा, सीतामढ़ी, पटना, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बेगूसराय, गया, लखीसराय, मधुबनी और पूर्वी चंपारण शामिल हैं।
आरओबी निर्माण से समपार फाटकों पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी। जाम के कारण न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है बल्कि इंधन की खपत भी बढ़ती और इससे प्रदूषण भी ज्यादा होता है।
इसके साथ ही राज्य के किसी कोने से राजधानी पांच घंटे में पहुंचने के सरकार के संकल्प को भी यह प्रभावित करता है। आरओबी निर्माण से इसमें काफी सहुलियत होगी।