बिहार राजस्व विभाग में होगी बंपर भर्ती, AI से होगी सरकारी जमीन की पहचान; मंत्री ने किया कई बदलावों का एलान
बिहार के राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने राजस्व कर्मचारी और अमीन पदों पर शीघ्र भर्ती की घोषणा की है। उन्होंने सरकारी जमीन की पहचान के लिए AI ...और पढ़ें

राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल। फाइल फोटो
HighLights
राजस्व कर्मचारी और अमीन पदों पर शीघ्र भर्ती होगी।
सरकारी जमीन की पहचान के लिए AI तकनीक का उपयोग।
भूमि अभिलेख अब केवल ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध होंगे।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने राजस्व कर्मचारी और आमीन पदों की बहाली के साथ-साथ भूमि सुधार संबंधी कई सुधारों का एलान किया।
राजस्व मंत्री ने जून में एक सप्ताह तक राज्यव्यापी अभियान 'बसेरा' चलाने का निर्देश दिया है। बुधवार को समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पोर्टल आधारित होगी।
अब तक राजस्व कर्मचारी सर्वे कर डेटा उपलब्ध कराते थे। नई व्यवस्था में लोगों से सीधे ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्यभर में सरकारी जमीन की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
खासमहल जमीन की पहचान के लिए जिलावार आंकड़ा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि खासमहल श्रेणी की जमीन से संबंधित किसी भी कार्रवाई का अधिकार अंचल अधिकारियों को नहीं होगा। अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भू अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे।
राजस्व विभाग में भरे जाएंगे खाली पद
बैठक में राजस्व कार्यालयों की कार्य प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने के लिए राजस्व लिपिक संवर्ग के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की जानकारी दी गई। राजस्व कर्मचारी और अमीन के रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली (Bihar Government Jobs) की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।
मंत्री ने कहा कि पूरा विभाग अब सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित हो गया है, इसलिए आईटी सेल को और मजबूत बनाया जाएगा। विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी।
इसके बाद आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में भू अभिलेख निदेशक सुहर्ष भगत, भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।