'60 मिनट में पटना से मुजफ्फरपुर': बिहार में रफ्तार की नई क्रांति, 160 KM की स्पीड से दौड़ेगी रैपिड ट्रेन
बिहार सरकार ने पटना को मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और आरा से जोड़ने वाले चार रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर की विस्तृत योजना तैयार करने को मंजूरी दी है। इस परियो ...और पढ़ें

रैपिड ट्रेन
HighLights
पटना को चार बड़े शहरों से जोड़ेगी रैपिड ट्रेन।
पटना-मुजफ्फरपुर का सफर अब सिर्फ 60 मिनट में।
160 KM/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी अत्याधुनिक ट्रेन।
राज्य ब्यूरो, पटना। Patna Rapid Train Project: बिहार में हाई-स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। राज्य सरकार ने पटना को चार बड़े शहरों से रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के जरिए जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी से मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और आरा तक का सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और आरामदायक हो जाएगा।
कैबिनेट बैठक में मिली बड़ी मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में चार रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर की विस्तृत योजना तैयार कराने को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने एलाइनमेंट अप्रूवल रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दे दी है।
इन चार रूटों पर दौड़ेगी रैपिड ट्रेन
बिहार सरकार जिन कॉरिडोर पर काम शुरू करने जा रही है, उनमें शामिल हैं—
- पटना-गया
- पटना-भागलपुर
- पटना-सोनपुर-मुजफ्फरपुर
- पटना-आरा
इन रूटों के विकसित होने से लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
पटना से मुजफ्फरपुर सिर्फ एक घंटे में
फिलहाल पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचने में सामान्य ट्रेनों से करीब तीन घंटे लगते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय करती है। वहीं, रैपिड ट्रेन शुरू होने के बाद यह सफर महज 60 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।
क्या है रैपिड ट्रेन या RRTS?
रैपिड ट्रेन सामान्य रेलवे और मेट्रो के बीच की आधुनिक परिवहन व्यवस्था है, जिसे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कहा जाता है। इसका उद्देश्य बड़े शहरों और आसपास के शहरों के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
ट्रेन की परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जबकि इसकी डिजाइन स्पीड इससे भी अधिक होती है।
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- पूरी तरह वातानुकूलित कोच
- आरामदायक सीटें
- मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट
- डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
- कम शोर और कम झटकों वाला सफर
- फायर सेफ्टी और इमरजेंसी सिस्टम
- प्रीमियम कोच में अतिरिक्त सुविधाएं
- दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर बना मॉडल
देश का पहला RRTS कॉरिडोर दिल्ली और मेरठ के बीच संचालित हो रहा है। नमो भारत ट्रेन इस रूट पर करीब 80 किलोमीटर की दूरी को लगभग 55 मिनट में तय कर रही है। बिहार सरकार भी इसी मॉडल को राज्य में लागू करने की तैयारी में है।
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बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद उद्योग, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फिलहाल सरकार ने योजना तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य कब शुरू होता है और बिहार की पहली रैपिड ट्रेन आखिर कब पटरी पर उतरती है।