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    50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से चमकी किस्मत, BPSC में 87 अभ्यर्थी सफल

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 07:12 PM (IST)

    बिहार सरकार की मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना ने शानदार परिणाम दिए हैं। इस योजना के तहत 50-50 हजार रुपये की ...और पढ़ें

    योजना ने बढ़ाया युवाओं का आत्मविश्वास

    योजना ने बढ़ाया युवाओं का आत्मविश्वास

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना से 87 SC/ST अभ्यर्थी सफल।

    2. 70वीं बीपीएससी में 9 BAS, 2 BPS चयनित।

    3. प्रत्येक अभ्यर्थी को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली।

    राज्य ब्यूरो, पटना।बिहार सरकार की मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। इस योजना से लाभान्वित 87 अभ्यर्थियों ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता हासिल की है।

    सफल अभ्यर्थियों में नौ उम्मीदवारों का चयन बिहार प्रशासनिक सेवा (बीएएस) और दो अभ्यर्थियों का चयन बिहार पुलिस सेवा (बीपीएस) के लिए हुआ है।

    सरकार ने दी थी 50-50 हजार रुपये की सहायता

    इस संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री Lakhan Kumar Raushan ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की ओर से मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी।

    उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता से छात्रों को बेहतर तैयारी करने में मदद मिली और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का मार्ग आसान हुआ।

    योजना ने बढ़ाया युवाओं का आत्मविश्वास

    मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सफल अभ्यर्थियों की मेहनत और लगन का परिणाम नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का भी प्रमाण है।

    उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस योजना को संचालित किया जा रहा है।

    प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिल रही विशेष मदद

    सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

    इसके तहत अभ्यर्थियों को न केवल आर्थिक सहायता दी जा रही है, बल्कि शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    सफलता से बढ़ेगा अन्य छात्रों का मनोबल

    87 अभ्यर्थियों की सफलता ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिलने पर युवा बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

    इस उपलब्धि से आने वाले वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अन्य छात्रों का भी मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।

    शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस

    मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

    सरकार का लक्ष्य है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिक से अधिक युवा प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचें और समाज के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं।