यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Smart Meter: बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने वालों की बल्ले-बल्ले, होने वाला है बड़ा फायदा; रखा गया प्रस्ताव
Bihar Smart Meter बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को नए साल में कई लाभ मिल सकते हैं। बिजली कंपनी ने विद्युत विनियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा ह ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में स्मार्ट मीटर को लेकर राहत की खबर सामने आई है
- स्मार्ट मीटर लगाने पर मिलने वाली है बड़ी छूट
राज्य ब्यूरो, पटना। आने वाले नए वर्ष में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं को कई तरह के नए लाभ उपलब्ध हो सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लोड बढ़ने पर लगने वाली पेनाल्टी से उन्हें मुक्ति मिल सकती है। बिजली कंपनी के स्तर पर इस आशय का प्रस्ताव बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग को भेजा गया था। संभव है नए साल में इस पर निर्णय हो जाए।
पहले छह महीने की थी रियायत अब इसे एक साल करने का प्रस्ताव
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं की समस्या यह है कि उन्हें पता नहीं चलता कि उनका बैलेंस इतनी तेजी से कैसे खत्म हो रहा। इस संबंध मंं बिजली कंपनी ने जब पूरे मामले को खंगाला तो यह बात सामने आयी कि उपभोक्ताओं द्वारा जब बिजली का उपभोग किया जाता है तब उन्हें यह ख्याल नहीं रहता कि वह कितनी यूनिट का उपभोग कर चुके हैं।
ऐसे में उनके तय लोड से अधिक यूनिट के उपभोग पर उनका लोड बढ़ जाता है। ऐसे में उन्हें पेनाल्टी देना पड़ जाता है। पेनाल्टी की राशि बैलेंस से कट जाती है। उपभोक्ताओं की इस समस्या को ध्यान में रख बिजली कंपनी ने उन्हें छह माह तक लोड बढ़ने पर ली जाने वाली पेनाल्टी से मुक्त किया था।
अब जब बड़े स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जा रहा तो इस तरह की समस्या कुछ अधिक सामने आएगी। इस बात को ध्यान में रख बिजली कंपनी ने लोड पर बढ़ने वाली पेनाल्टी को एक साल तक नहीं लेने का प्रस्ताव बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग को दे रखा है। अगले साल इस पर विधिवत निर्णय होना है।
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25 पैसे प्रति यूनिट का लाभ दिए जाने का भी प्रस्ताव
यह भी संभव है कि अगले वर्ष से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं को पोस्ट पेड मीटर वालों की तुलना में प्रति यूनिट 25 पैसे की दर से कम भुगतान करना पड़े। बिजली कंपनी के इस प्रस्ताव पर भी अगले वर्ष बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निर्णय किया जाना है। यदि ऐसी सुविधा मिलती है तो यह बिहारे के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर होगी।