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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: जीएसटी रजिस्ट्रेशन निलंबित, फिर भी हो रहा भुगतान; स्टेट टैक्स कमिश्नर ने जताई आपत्ति

    By Sunil RajEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 03:04 PM (IST)

    राज्य कर आयुक्त सह सचिव डॉ. प्रतिमा ने भवन निर्माण सचिव को एक पत्र भेजा था। पत्र में यह जानकारी दी गई थी कि अनेक निकासी और व्ययन पदाधिकारियों द्वारा क ...और पढ़ें

    जीएसटी रजिस्ट्रेशन निलंबित, फिर भी हो रहा भुगतान; स्टेट टैक्स कमिश्नर ने जताई आपत्ति
    जीएसटी रजिस्ट्रेशन निलंबित, फिर भी हो रहा भुगतान; स्टेट टैक्स कमिश्नर ने जताई आपत्ति

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar GST News भवन निर्माण विभाग के निकासी और व्ययन पदाधिकारी वैसे संवेदकों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं को बकाये का भुगतान कर रहे हैं, जिनका जीएसटी निबंधन निलंबित है। स्वयं राज्य कर आयुक्त ने इस पर आपत्ति जताई है। जिसके बाद भवन निर्माण विभाग इस प्रकार के भुगतान पर सख्त हो गया है। अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा करने पर रोक लगाएं।

    राज्य कर आयुक्त सह सचिव डॉ. प्रतिमा ने भवन निर्माण सचिव को एक पत्र भेजा था। पत्र में यह जानकारी दी गई थी कि अनेक निकासी और व्ययन पदाधिकारियों द्वारा कार्य संवेदकों और आपूर्तिकर्ताओं को जीएसटी निबंधन निलंबित रहने के बाद भी भुगतान कर दिया गया है।

    कई विभागों में दर्ज कराई आपत्ति

    पत्र में यह जानकारी दी गई कि महालेखाकार बिहार के अंकेक्षण दल द्वारा कई विभागों में इस आशय की आपत्ति दर्ज कराई गई है। राज्य कर आयुक्त के पत्र के बाद भवन निर्माण विभाग के विशेष सचिव ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को एक पत्र भेजकर आयुक्त सह सचिव की सूचना का हवाला देकर ऐसा करने पर आपत्ति जताई है।

    विशेष सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि निकासी और व्ययन पदाधिकारियों द्वारा जीएसटी टीडीएस के रूप में मात्र दो प्रतिशत की कटौती की जाती है। जबकि माल के बेसिक मूल्य के साथ कर की शेष राशि का भुगतान संबंधित संवेदक, आपूर्तिकर्ताओं को कर दिया जाता है।

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    'सरकार को राजस्व का नुकसान होता है'

    पत्र में कहा कि इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। जिससे सरकार के खजाने में जीएसटी जमा होने की संभावना नगण्य हो जाती है। नतीजा सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए अन्यथा विभाग ऐसी समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएगा।

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