बिहार में पहले चरण के ट्रांसफर के लिए 73 हजार शिक्षकों ने डाले आवेदन, पोर्टल बंद
पहले चरण के शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन पोर्टल बंद हो गया है, जिसमें 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शेष शि ...और पढ़ें

बिहार में पहले चरण के ट्रांसफर के लिए 73 हजार शिक्षकों ने डाले आवेदन (AI Generated Image)
HighLights
पहले चरण के स्थानांतरण पोर्टल पर 73,151 आवेदन प्राप्त हुए।
शिक्षा मंत्री ने 31 अक्टूबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य बताया।
सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन 17 सितंबर से शुरू होंगे।
राज्य ब्यूरो, पटना। नई शिक्षक स्थानांतरण नियमावली के तहत शिक्षकों के समायोजन और समानुपातीकरण के तहत होने वाले ऐच्छिक तबादले के तहत 29 जुलाई को खुला पोर्टल बुधवार को बंद हो गया। पहले चरण के इस स्थानांतरण के तहत 1.06 ला्र, 287 शिक्षकों को आवेदन करना था।
शिक्षा विभाग के आंकड़े के अनुसार 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किए। वहीं, म्यूचुअल के तहत अपने तबादले को 4259 शिक्षकों के आवेदन प्राप्त हुए।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को इस आशय की जानकारी दी। जिन शिक्षकों ने आवेदन नहीं दिए हैं उन्हें आखिरी चरण में होने वाले सामान्य तबादले में आवेदन का मौका दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन कर देना है। महिला शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड तथा पुरुष शिक्षकों को गृह जिले के भीतर भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में सात अगस्त से नौ सितम्बर तक जिला, प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर गठित स्थापना समितियों द्वारा शिक्षकवार समायोजन सूची का प्रकाशन, प्राप्त आपत्तियों एवं अपीलों का निष्पादन किया जाएगा।
पारस्परिक स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 10 से 14 सितम्बर के बीच किया जाएगा। सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितम्बर से आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इस चरण में वे शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जो पांच अगस्त तक आवेदन नहीं कर पाए थे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों द्वारा आवेदन के दौरान जिन विद्यालयों का विकल्प दिया गया है, उनका स्थानांतरण उन्हीं विकल्पों में से किसी एक विद्यालय में किया जाएगा। विकल्प के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी।
खबरें और भी
उन्होंने शिक्षक प्रतिनिधियों को रचनात्मक सुझाव देने तथा शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर संवाद में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया।