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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Teacher News: बिहार के शिक्षकों जल्द मिलेगी खुशखबरी, सैलरी को लेकर आ गया बड़ा अपडेट

    Updated: Mon, 05 May 2025 08:00 PM (IST)

    Bihar News बीएन मंडल विश्वविद्यालय से संबद्ध 37 डिग्री कॉलेजों को 37.71 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। शिक्षा विभाग ने यह राशि कॉलेजों को उनके छात्रों ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. शिक्षा विभाग का सभी संबंधित महाविद्यालयों को निर्देश
    2. आंतरिक स्त्रोत की 70 प्रतिशत राशि मिला कर शिक्षक-कर्मियों को वेतन भुगतान

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के 37 संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के लिए 37 करोड़ 71 लाख 91 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है।

    इनमें 35 महाविद्यालयों को स्नातक शैक्षिक सत्र 2014-17 के छात्र-छात्राओं के परीक्षाफल के आधार पर 29 करोड़ 13 लाख 80 हजार 400 रुपये दिया गया है।

    शिक्षा विभाग द्वारा विमुक्त की गई राशि में से एक महाविद्यालय को स्नातक शैक्षिक सत्र 2010-13 से 2014-17 तक के छात्र-छात्राओं के परीक्षाफल के आधार पर छह करोड़ 83 लाख 70 हजार 300 रुपये एवं एक अन्य महाविद्यालय को स्नातक शैक्षिक सत्र 2012-15 से 2014-17 तक के छात्र-छात्राओं के परीक्षाफल के आधार पर एक करोड 74 लाख 40 हजार 800 रुपये जारी किया गया है।

    बीएन मंडल विश्वविद्यालय को जारी की गई राशि

    शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव के हस्ताक्षर से यह राशि बीएन मंडल विश्वविद्यालय को जारी की गई है।

    इसके साथ ही कुलसचिव को निर्देश दिया गया है कि इस राशि में महाविद्यालयों को आंतरिक स्त्रोत से हुई आय का 70 प्रतिशत राशि मिला कर विधिवत नियुक्त होकर कार्यरत शिक्षतों और कर्मचारियों को वेतन भुगतान किया जाना है।

    निर्देश के मुताबिक महाविद्यालयों को राशि जारी करने के पहले विश्वविद्यालय आश्वस्त हो लेगा कि जिन शैक्षिक सत्रों के लिए संबंधित महाविद्यालयों को अनुदान राशि विमुक्त की गयी है, उन शैक्षिक सत्रों के लिए संबंधित महाविद्यालयों को राज्य सरकार से संबद्धता प्राप्त है।

    यह भी जरूरी है कि संबंधित कॉलेजों में शासी निकाय विधिवत रूप से गठित हो। शासी निकाय के गठन में अगर किसी पुकार का विवाद हो तो उसका निराकरण विश्वविद्यालय द्वारा ही किया जाना है।

    विशेष परिस्थिति में विश्वविद्यालय को महाविद्यालय की तदर्थ समिति गठित करने की शक्ति भी प्राप्त है। विधिवत गठित शासी निकाय या तदर्थ समिति के माध्यम से ही महाविद्यालयों में शिक्षक कर्मियों को राशि वितरित होगी।

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