बिहार में धार्मिक पर्यटन को मिलेगी गति, अयोध्या की तर्ज पर पुनौराधाम और काशी के मॉडल पर बनेगा विष्णुपद कॉरिडोर
राज्य में विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों का बड़े पैमाने पर विकास और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पुनौराधाम में जानकी मंदिर का अयोध्या राममंदिर की तर्ज पर विकास कार्य।
गया का विष्णुपद मंदिर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर मॉडल पर विकसित किया जा रहा।
मुंगेर के तारापुर में भव्य आदियोगी प्रतिमा और आध्यात्मिक केंद्र बनेगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में मंदिरों का विकास कार्य हो रहा है।
प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सौंदर्यीकरण, विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के कार्य कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में माता सीता की जन्मभूमि पर जानकी मंदिर को अयोध्या के राममंदिर की तर्ज पर भव्य रूप दिया जा रहा है।
इसमें पाइलिंग का कम शुरू हो गया है। इस परियोजना को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी तरह गया जिले के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
इसके अंतर्गत मुख्य भवन का निर्माण, फल्गु नदी के रिवर फ्रंट से मुख्य मंदिर तक 42 मीटर चौड़े पाथवे का निर्माण, बस डिपो विकास और समग्र पाथवे सुधार शामिल हैं।
इस प्रोजेक्ट की पूर्णता 2027 तक होने वाली है। सोनपुर के हरिहर नाथ क्षेत्र को भी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।
बनेगी आदियोगी की प्रतिमा
मुंगेर जिले के तारापुर में ईशा फाउंडेशन को 15.01 एकड़ सरकारी भूमि 99 वर्ष की लीज पर एक रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर दी गई है।
यहां भव्य आदियोगी प्रतिमा के साथ आधुनिक योग एवं आध्यात्मिक केंद्र विकसित किया जाएगा, जो धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा।
गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध थावे मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार, तालाब विकास, कचरा प्रबंधन, यात्री निवास का जीर्णोद्धार, वाटर कियोस्क, पैदल पाथवे और बाह्य विद्युतीकरण का कार्य 2026 में ही पूरा हो जाएगा।
सारण जिले के अंबिका भवानी मंदिर में दुकान एवं कियोस्क, फ्लोरिंग, घाट विस्तारीकरण तथा पाथवे का विकास जल्द पूरा होने वाला है।
इन तीर्थस्थलों पर भी चल रहा काम
कैमूर के प्राचीन मुंडेश्वरी मंदिर, पटना जिले के बाढ़ में उमानाथ मंदिर (कम्युनिटी सेंटर, डेकोरेटिव चारदीवारी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फाउंटेन आदि के साथ, पूर्णता 2027), शेखपुरा के समस विष्णुधाम मंदिर बरबीघा (58 प्रतिशत पूर्ण, 2027 में होगा पूरा), खगड़िया की मां कात्यायनी स्थान मंदिर (60 प्रतिशत पूर्ण, 2026 अंत तक होगा पूरा), दरभंगा के कुशेश्वर स्थान (चारदीवारी, घाट, पाथवे, थीमेटिक गेट, पार्किंग, कम्युनिटी हाल आदि 2027 में होगा पूर्ण) और जमुई जिले के पत्नेश्वर धाम (40 प्रतिशत पूर्ण, 2026 अंत तक होगा पूर्ण भी) में भी घाट सौंदर्यीकरण, गेस्ट हाउस, विद्युतीकरण और अन्य सुविधाओं का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।