बिहार में पीड़ितों को तुरंत मिलेगा न्याय, CM सम्राट चौधरी ने की 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन घोषणा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की है। इन अदालतों ...और पढ़ें
-1783165480833_m.webp)
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो
HighLights
बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का होगा गठन।
अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की महत्वपूर्ण घोषणा।
डिजिटल डेस्क, पटना। सम्राट सरकार ने बिहार में अपराध के नियंत्रण और त्वरित न्याय के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी।
चौधरी ने यह घोषणा तीन नए आपराधिक कानूनों -- भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को लागू करने पर आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए की।
गया में कानूनों का कार्यक्रम
यह सम्मेलन बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में बिहार लोक प्रशासन और ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) और बिहार न्यायिक अकादमी द्वारा आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जारी एक बयान के अनुसार, चौधरी ने कहा, "बिहार की पहचान हमेशा 'न्याय के साथ विकास' के सिद्धांत से रही है। नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से और लोगों की भलाई को ध्यान में रखते हुए लागू करने से यह भावना और मजबूत होगी।"
उन्होंने कहा, "अपराध से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए सौ फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे राज्य में कानून का शासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।" सरकार की शिकायत निवारण पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अभी राज्य स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को 'सहयोग कैंप' लगाए जाते हैं।
हर महीने के दूसरे मंगलवार को भी लगेगा कैंप
उन्होंने घोषणा की कि अब पटना में हर महीने के दूसरे मंगलवार को भी एक अतिरिक्त राज्य-स्तरीय कैंप लगाया जाएगा। सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए चौधरी ने कहा कि न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा तभी मजबूत हो सकता है जब न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच करीबी सहयोग हो।
खबरें और भी
उन्होंने कहा, "न्याय तभी सार्थक होता है जब न्याय प्रणाली में आम जनता का भरोसा बढ़ता है। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। सरकार और न्यायपालिका के बीच नियमित रूप से तालमेल बैठकें होनी चाहिए ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों को नागरिकों को केंद्र में रखकर लागू किया जाना चाहिए और न्याय व्यवस्था में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया।
8 मिनट में पहुंचेगी 112
उन्होंने कहा कि राज्य भर के पुलिस स्टेशनों को सीसीटीवी कैमरों, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच के साधनों से लैस किया जा रहा है। साथ ही, मामलों की तेजी से जांच और निपटारे के लिए फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, मोबाइल फोरेंसिक वैन और वैज्ञानिक सबूत जुटाने की प्रणालियों को भी मजबूत किया गया है।
चौधरी ने यह भी कहा कि राज्य की 112 आपातकालीन सेवा के तहत पुलिस अभी औसतन 10 मिनट में अपराध स्थल पर पहुंचती है और सरकार का लक्ष्य इस समय को घटाकर सात से आठ मिनट करना है।