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    बिहार के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात: स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का होगा निर्माण, स्टेडियम में लगेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की घास

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 12:28 PM (IST)

    बिहार में खिलाड़ियों के लिए 10-15 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स साइंस सेंटर खुलेगा, जो प्रदर्शन विश्लेषण और चोट से बचाव में मदद करेगा। लोक नायक जयप ...और पढ़ें

    बिहार में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर। (AI Generated Image)

    बिहार में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर। (AI Generated Image)

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    अक्षय पाण्डेय, पटना। प्रदेश के खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए स्पोर्ट्स साइंस सेंटर भी खोला जाएगा। 10 से 15 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की तर्ज पर राज्य में पहली बार इसका निर्माण किया जाएगा।

    पाटलिपुत्र खेल परिसर एवं राजगीर खेल अकादमी में इसकी स्थापना की जाएगी। अगले वित्तीय वर्ष तक इसे खिलाड़ियों को सौंप दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण, मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग, फिजियोलॉजी, ताकत-अनुकूलन, चोट से बचाने, खेल के लिए पोषण और स्पोर्ट्स मसाज की सुविधा होगी।

    एलएनजेपी में खिलाड़ियों का होगा इलाज

    लोक नायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल (एलएनजेपी) में स्पोर्ट्स इंजुरी सेंटर खुलेगा। यहां एथलीटों उपचार का लाभ मिलेगा। वैसे, छात्रवृत्ति योजना से खिलाड़ियों को इलाज की सुविधा मिलती है। खिलाड़ी कहीं भी इलाज करा सकते हैं, लेकिन हर कोई छात्रवृत्ति के दायरे में नहीं आ पाता।

    ऐसे में खेल प्राधिकरण की सिफारिश पर चोटिल खिलाड़ी का एलएनजेपी में मुफ्त में इलाज होगा। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर खुलने वाले स्पोर्ट्स इंजुरी सेंटर के लिए एलएनजेपी का एक फ्लोर तैयार किया जाएगा।

    पटना में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाकी टर्फ

    राजगीर के बाद पटना में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाकी एस्ट्रोटर्फ बनाया जा रहा है। राजेंद्र नगर स्थित बीपी सिन्हा शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय (फिजिकल कॉलेज) में मैदान का निर्माण चल रहा है। यहां नीदरलैंड का एस्ट्रोटर्फ लगाया गया है। देर रात अभ्यास और मैच हो, इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लड लाइट लगा दी गई है।

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    यहां चेंजिंग रूम, वाश रूम, स्टोर रूम, जिम की सुविधा होगी। दर्शकों के लिए अस्थाई गैलरी होगी। एस्ट्रोटर्फ यानी कृत्रिम घास होता है। यह मूलतः सिंथेटिक फायबर से बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल उन खेलों के लिए होता है, जो घास में खेले जाते हैं।

    इसकी मिट्टी के अंदर पकड़ मजबूत होती है। खेल के दौरान यह उखड़ता नहीं है। मैच से पहले और खेल के दौरान समय-समय पर पानी का छिड़काव किया जाता है। इससे इसकी नमी बनी रहती है।

    राजगीर में हाकी और रग्बी की बड़ी प्रतियोगिताएं

    अभी प्रदेश के पास राजगीर खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाकी मैदान है। यहां दो एस्ट्रोटर्फ हैं। बिहार एशियन महिला एवं पुरुष हाकी की मेजबानी कर चुका है। 20 नवंबर 2024 में खेले गए महिला हाकी मुकाबले में भारत की बेटियों ने चीन को 1-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया था।

    सात सितंबर 2025 को खेले गए एशिया पुरुष हाकी टूर्नामेंट में दक्षिण कोरिया को 4-1 से शिकस्त देकर बेटों ने ट्राफी जीती थी। राजगीर में एशियन रग्बी सेवेंस का भी आयोजन हो चुका है।

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