बुद्ध मूर्ति से बोरिंग रोड तक... पटना के रंगीन फव्वारों की रोशनी गायब, सुंदरीकरण की योजना फेल
राजधानी पटना में शहर के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए 16 आकर्षक फव्वारे अब रखरखाव के अभाव में बंद पड़े हैं। बुद्ध मूर्ति, बोरिंग रोड चौराहा जैसे प्रमुख स ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के सुंदरीकरण के लिए बड़े स्तर पर लगाए गए आकर्षक फव्वारे अब अपनी चमक खो चुके हैं। नगर निगम द्वारा शहर के 16 प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए गए ये आधुनिक फव्वारे आज रखरखाव के अभाव में बंद पड़े हैं और शोपीस बनकर रह गए हैं।
बुद्ध मूर्ति, विकास भवन और जीपीओ गोलंबर, बोरिंग रोड चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर लगे फव्वारों में अब न जलधाराएं दिखती हैं और न ही रंगीन रोशनी की चमक। इन फव्वारों को शहर की सुंदरता बढ़ाने और राजधानी को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से लगाया गया था।
शुरुआत में इनका आकर्षण ऐसा था कि लोग शाम होते ही यहां जुटने लगे थे। रंग-बिरंगी लाइटों के बीच उठती जलधाराएं लोगों को खासा आकर्षित करती थीं। कई स्थानों पर यह सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी लोकप्रिय हो गए थे।

(आर ब्लाक गोलंबर)
नगर निगम ने इस परियोजना पर बड़ी राशि खर्च की थी। फव्वारों को विशेष तकनीक से तैयार किया गया था, ताकि कम पानी में अधिक प्रभावशाली जलधाराएं बनाई जा सकें। इसके साथ ही आसपास आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी, जिससे रात के समय इनकी खूबसूरती और बढ़ जाती थी।
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शहर में 16 स्थानों पर लगाए गए ये फव्वारे शहर की पहचान बनते जा रहे थे। समय के साथ इनकी देखरेख में लापरवाही सामने आने लगी। नियमित मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण अधिकांश फव्वारे बंद हो गए। कई जगहों पर मोटर खराब हो चुकी है, तो कहीं लाइटिंग सिस्टम ठप पड़ा है।

(जीपीओ गोलंबर)
कुछ स्थानों पर पाइपलाइन जाम होने से जलधारा पूरी तरह रुक गई है। नतीजतन, जिन फव्वारों से शहर की खूबसूरती बढ़नी थी, वे अब बदहाल स्थिति में नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शुरुआत में इन फव्वारों ने शहर की तस्वीर बदल दी थी, लेकिन अब इनकी अनदेखी हो रही है।
लोगों के अनुसार, यदि नियमित रूप से इनका रखरखाव किया जाए तो ये फिर से शहर की सुंदरता में चार चांद लगा सकते हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि जिन 16 स्थानों पर कभी रंगीन रोशनी और पानी की धाराओं का आकर्षण हुआ करता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। बड़ी राशि की यह योजना रखरखाव की कमी के कारण अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है।
इन 16 जगहों पर लगाए गए फव्वारे
- एयरपोर्ट गोलंबर
- ईको पार्क
- बोरिंग रोड चौराहा
- शेखपुरा मोड़
- बापू टावर
- विवेकानंद पार्क
- विकास भवन
- अनीसाबाद गोलंबर
- बीकानेर मोड़
- आशियाना मोड़
- मैक डोवेल
- बुद्ध मूर्ति
- चिरैयाटांड़ गोलंबर
- कंकड़बाग
- वैशाली गोलंबर
- जीपीओ गोलंबर
संचालन-रखरखाव के लिए बजट में प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में फव्वारों के संचालन और नियमित रखरखाव के लिए विशेष प्रविधान किया गया है। नगर निगम के अनुसार, आधुनिक शौचालयों, फव्वारों समेत अन्य जनसुविधा परियोजनाओं के सुचारु संचालन एवं मरम्मत कार्य के लिए कुल 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
निगम का कहना है कि इस राशि का उपयोग इन सुविधाओं को कार्यशील बनाए रखने, समय-समय पर आवश्यक मरम्मत करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा, ताकि सुंदरीकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ लोगों तक लगातार पहुंचता रहे।
पटना नगर निगम शहर के सुंदरीकरण को लेकर निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में राजधानी के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए आकर्षक फव्वारे न सिर्फ सुंदरता बढ़ाने, बल्कि वातावरण को भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। फव्वारे अगर बंद हैं तो जल्द ही चालू करा दिया जाएगा। नागरिकों से अपील है कि वे शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें।
कृष्ण स्वरूप, अपर नगर आयुक्त