Bihar Mining Constable Job: बिहार में 1000 खनन सिपाहियों की होगी भर्ती, अवैध खनन पर लगेगी लगाम
बिहार सरकार अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए खनन विभाग में एक हजार खनन सिपाहियों की भर्ती करेगी। इससे छापामारी और निगरानी का काम तेज होगा, साथ ही स्थानीय ...और पढ़ें

बिहार में अवैध खनन पर लगेगी लगाम, एक हजार खनन सिपाहियों की होगी भर्ती (AI Generated Image)
HighLights
1000 खनन सिपाहियों की भर्ती से अवैध खनन पर लगेगी लगाम।
खनन विभाग का अपना पुलिस बल होगा, कार्रवाई होगी तेज।
राज्य में प्रवेश करने वाले खनिज वाहनों में जीपीएस अनिवार्य।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में लघु खनिज विशेषकर बालू के अवैध खनन पर अब और सख्ती से लगाम लगेगी। सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की तर्ज पर खनन विभाग का अपना पुलिस बल होगा। विभाग जल्द ही एक हजार खनन सिपाहियों की भर्ती करेगा।
यह जानकारी खान एवं भू-तत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
मंत्री ने कहा नियुक्ति का प्रस्ताव जल्द ही भर्ती एजेंसी को भेजा जाएगा। अभी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस पर निर्भर रहना पड़ता है। विभाग के अपने सिपाही होने से छापामारी, वाहनों की जब्ती और निगरानी का काम तेज होगा। इससे पुलिस का बोझ भी कम होगा। उन्होंने सभी सभी खनन सिपाहियों को विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही।
मंत्री ने राज्य में पत्थर खनन को एक बड़ा उद्योग बताते हुए कहा कि नवादा जिले में पत्थर खनन के आठ खनन पट्टों के लिए निविदा जारी कर दी गई है। शेष जिलों औरंगाबाद, गया, शेखपुरा तथा बांका में पत्थर खनन पट्टों के लिए 15 अगस्त तक निविदाएं जारी कर दी जाएंगी।
राज्य में प्रवेश करने वाले खनिज वाहनों पर जीपीएस अनिवार्य
प्रमोद कुमार ने कहा राज्य के बाहर से लघु खनिज लेकर आने वाले सभी वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) अनिवार्य किया जा रहा है। इससे लघु खनिजों के परिवहन को अधिक पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने की पहल है।
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उन्होंने कहा आईएसटीपी लागू होने के बाद से दो महीने में करीब 45 करोड़ का राजस्व आया है। इस वर्ष में केवल आईएसटीपी से ही राज्य को 250 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद है।
गाद (सिल्ट) प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर तैयार होंगे सर्वेक्षण प्रतिवेदन
राज्य की विभिन्न नदियों में जमा गाद के प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित जिलों को जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (डीएसआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने बताया कि डीएसआर को मंजूरी मिलने के बाद जिलाधिकारी (कलेक्टर) के माध्यम से नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।