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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Traffic Police: यातायात पुलिस में नहीं होंगे 35 साल से अधिक के सिपाही, अध‍िकारियों की भी उम्र सीमा तय

    By Edited By: Prateek Jain
    Updated: Thu, 21 Sep 2023 12:26 AM (IST)

    Bihar Traffic Police News यातायात (ट्रैफिक) पुलिस में अब 35 वर्ष से अधिक उम्र के सिपाही नहीं रहेंगे। यातायात पुलिस बल के हर रैंक के लिए उम्र सीमा तय ...और पढ़ें

    Bihar Traffic Police: यातायात पुलिस में नहीं होंगे 35 साल से अधिक के सिपाही, अध‍िकारियों की भी उम्र सीमा तय
    Bihar Traffic Police: यातायात पुलिस में नहीं होंगे 35 साल से अधिक के सिपाही, अध‍िकारियों की भी उम्र सीमा तय

    HighLights

    1. न्यूनतम तीन साल तक ट्रैफिक पुलिस में करना होगा योगदान
    2. प्रोन्नति से आने वाले हवलदार और सहायक अवर निरीक्षक के लिए अधिकतम आयु 55 साल निर्धारित

    राज्य ब्यूरो, पटना: यातायात (ट्रैफिक) पुलिस में अब 35 वर्ष से अधिक उम्र के सिपाही नहीं रहेंगे। यातायात पुलिस बल के हर रैंक के लिए उम्र सीमा तय कर दी गई है।

    सिपाहियों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष, अवर निरीक्षक के लिए 40 वर्ष और इंस्पेक्टर के लिए 50 वर्ष की समय सीमा तय की गई है। प्रोन्नति से आने वाले हवलदार और सहायक अवर निरीक्षक के लिए अधिकतम आयु 55 साल निर्धारित की गई है।

    इससे अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों या पदाधिकारियों को ट्रैफिक में तैनात नहीं किया जाएगा। बुधवार को यातायात के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुधांशु कुमार ने यह जानकारी दी। 

    एडीजी ने बताया कि यातायात के सुचारू संचालन के लिए युवा और प्रशिक्षित मानव संसाधन का ही इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रैफिक के लिए चुने गए बल को औरंगाबाद स्थि‍त केंद्र पर परिवहन विभाग की सहायता से प्रशिक्षित किया जाएगा।

    अभी तक 12 जिलों के 500 कर्मियों व पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस वर्ष के अंत तक बाकी जवानों व पदाधिकारियों को भी प्रशिक्षित करा लिया जाएगा। यातायात बल में एक तिहाई महिला बल होना अनिवार्य होगा।

    एक तिहाई महिला बल होगा अनिवार्य 

    एडीजी ने बताया कि प्रशिक्षण पा चुके पुलिसकर्मियों व पदाधिकारियों को कम से कम तीन साल तक ट्रैफिक पुलिस में अपना योगदान देना होगा।

    इस दौरान उनका तबादला अन्य ड्यूटी के लिए नहीं किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को एक जिले में अधिकतम तीन साल के लिए रखा जाएगा। इस दौरान उनके कर्तव्यस्थल में फेरबदल किया जा सकेगा।

    हैदराबाद की ट्रैफिक व्यवस्था से सीख एडीजी सुधांशु ने बताया कि वर्तमान में 12 जिलों में 15 नौजवान डीएसपी की पदस्थापना की गई है।

    राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद इन्हें हैदराबाद शहर की यातायात व्यवस्था को समझने के लिए भेजा गया है।

    उन्होंने बताया कि शेष 28 जिलों में भी बल स्वीकृति का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इसके बाद इन जिलों में करीब 4200 अतिरिक्त बल उपलब्ध हो पाएगा।

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