बिहार के हायर एजुकेशन में होगा बदलाव, हर एक विश्वविद्यालय का बनेगा एक्शन प्लान; रिजल्ट में देरी पर लगेगी रोक
बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने राज्य के विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने का निर ...और पढ़ें

बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं उत्तरदायी बनाने के लिए हर विश्वविद्यालय का एक्शन प्लान बनाया जाएगा। राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने एक्शन प्लान को तैयार करने को लेकर विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है।
इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय की हर गतिविधि की निरंतर समीक्षा, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था तथा बदलती शैक्षणिक एवं सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप संस्थागत कार्यप्रणाली को विकसित करने पर बल दिया जाएगा।
बिहार लोक भवन के स्तर से हर विश्वविद्यालय के एक्शन प्लान की समीक्षा के बाद उस पर कार्य करने की स्वीकृति दी जाएगी। एक्शन प्लान में यह बताना होगा कि नई शिक्षा नीति पर कितना काम हुआ।
रिजल्ट में देरी पर सख्ती
बिहार लोक भवन ने कुलसचिवों को विशेष एक्शन प्लान में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर विश्वविद्यालयों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देने को कहा है। शैक्षणिक सत्र को ससमय सुनिश्चित करने और परीक्षाओं तथा परिणामों में देरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही, कुलसचिवों को प्रत्येक विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति और शैक्षणिक सुधारों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु में शैक्षणिक सत्र की समीक्षा को अनिवार्य किया गया है, ताकि सभी लंबित परीक्षाओं और परिणामों को तय समय पर जारी करने के लिए एक कार्ययोजना लागू की जाए। विश्वविद्यालयों को अपने सुधार के प्लान के साथ-साथ अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति का भी पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा।
इंडस्ट्री रिलेशन सेल का गठन आवश्यक
निर्देश के अनुसार, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हर विश्वविद्यालय में एक ''इंडस्ट्री रिलेशन सेल'' गठन को आवश्यक किया गया है। इस दिशा में विश्वविद्यालय स्तर पर क्या कदम उठाया गया है, इसकी जानकारी एक्शन प्लान में देना है।
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इंडस्ट्री रिलेशन सेल छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार आसानी से इंटर्नशिप और रोजगार से जुड़े प्रोजेक्ट्स दिलाने में मददगार होंगे। विश्वविद्यालयों के नए परिसरों और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा जो बजट आवंटित किया जा रहा है, उसे कैसे क्रियान्वयन किया जा रहा है, इसकी सूचना एक्शन प्लान में देनी होगी।
विश्वविद्यालय का होगा अपना डाटा बैंक
राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा प्रत्येक विश्वविद्यालय को अपना डाटा बैंक तैयार करने को निर्देश दिया गया है। वहीं केंद्रीयकृत समर्थ पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले डेटा की पूर्ण विश्वसनीयता सुनिश्चित को कहा गया है।
इसके लिए ऐसी प्रमाणन व्यवस्था विकसित की जाएगी कि जिससे यह सुनिश्चित हो कि अपलोड किए गए डेटा का विधिवत परीक्षण एवं सत्यापन कर लिया गया है।
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