Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    JEE के शुभम, UPSC की इशिता और क्रिकेट के वैभव; हर मंच पर चमक रहा बिहार

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 06:03 PM (GMT+05:30)

    बिहार के युवा छात्र और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलताएं हासिल कर रहे हैं, चाहे वह JEE, NEET, UPSC जैसी कठिन परीक्षाएँ हों या क्रिकेट का मैदान। ...और पढ़ें

    देश की मेरिट लिस्ट पर बिहार का कब्जा

    देश की मेरिट लिस्ट पर बिहार का कब्जा

    HighLights

    1. JEE, NEET, UPSC में बिहार के छात्रों का दबदबा।

    2. शुभम कुमार (JEE), इशिता किशोर (UPSC) ने हासिल की टॉप रैंक।

    3. क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने बनाया नया रिकॉर्ड, प्रेरणा बने।

    राधा कृष्ण, पटना। इन दिनों बिहार सिर्फ क्रिकेट या राजनीति की वजह से चर्चा में नहीं है। एक ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी खेल जगत में सुर्खियां बटोर रहे हैं, तो दूसरी ओर राज्य के छात्र देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

    पिछले पांच वर्षों के नतीजों पर नजर डालें तो UPSC, JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बिहार के छात्रों का दबदबा साफ दिखाई देता है।

    सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी सफलता देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

    JEE Advanced 2026 में गया के शुभम ने किया कमाल

    ताजा सफलता गया के रहने वाले शुभम कुमार के नाम दर्ज हुई है।

    उन्होंने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर बिहार का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया।

    शुभम ने 360 में से 330 अंक हासिल किए। इससे पहले JEE Main में भी उन्होंने 100 पर्सेंटाइल स्कोर करते हुए शानदार प्रदर्शन किया था।

    अब उनका लक्ष्य IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना है।

    कटिहार के शुभम ने UPSC में हासिल की थी देश की नंबर-1 रैंक

    बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर इतिहास रचा था।

    IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग करने वाले शुभम ने तीसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।

    उनकी सफलता ने यह साबित किया कि लगातार मेहनत और धैर्य के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा में भी शीर्ष स्थान पाया जा सकता है।

    UPSC में भी बिहार की बेटियों ने लहराया परचम

    UPSC 2022 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाली इशिता किशोर का बचपन बिहार में बीता।

    राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी रह चुकी इशिता ने नौकरी छोड़कर पूरी तरह सिविल सेवा की तैयारी की और देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।

    इसी परीक्षा में बक्सर की गरिमा लोहिया ने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की।

    पहले प्रयास में असफल रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर मिसाल कायम की।

    NEET में भी बिहार के छात्रों का दबदबा

    दरभंगा के माजिन मंसूर ने NEET UG 2024 में 720 में से 720 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की।

    डॉक्टर परिवार से आने वाले माजिन ने अपनी मेहनत और अनुशासन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में नया इतिहास रचा।

    वहीं पश्चिम चंपारण के बेतिया निवासी मृणाल झा ने NEET UG 2025 में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की।

    लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों के बीच टॉप-5 में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम रहा।

    UPSC 2025 में भी बिहार की मजबूत मौजूदगी

    मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल कर बिहार का गौरव बढ़ाया।

    कम उम्र में मिली इस सफलता ने उन्हें देश के प्रतिभाशाली युवाओं की सूची में शामिल कर दिया।

    राघव की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा और मेहनत की कोई कमी नहीं है।

    16 साल के वैभव ने रचा इतिहास

    बिहार के समस्तीपुर के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने कम उम्र में ही क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बना ली है।

    महज 14 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करने वाले वैभव ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।

    आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और निडर अंदाज के कारण वह देशभर में चर्चा का विषय बने।

    क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य मान रहे हैं।

    वैभव की उपलब्धियों ने न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी है।

    क्यों बन रहा है बिहार टॉपर्स की नई राजधानी?

    विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में शिक्षा के प्रति जागरूकता, प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता माहौल और छात्रों की संघर्षशील मानसिकता सफलता की बड़ी वजह है।

    सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के छात्र लक्ष्य को लेकर बेहद प्रतिबद्ध रहते हैं।

    यही कारण है कि पिछले पांच वर्षों में लगभग हर बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में बिहार के छात्रों ने टॉप रैंक हासिल कर राज्य को "टॉपर्स की फैक्ट्री" की पहचान दिलाई है।

    मेहनत, संघर्ष और सपनों की उड़ान का नाम है बिहार

    JEE, NEET और UPSC जैसी परीक्षाओं में मिली लगातार सफलताएं बताती हैं कि बिहार अब सिर्फ प्रतिभा पैदा नहीं कर रहा, बल्कि देश को भविष्य के वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक भी दे रहा है।

    इन होनहार युवाओं की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और यह संदेश देती हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

    यह भी पढ़ें- बिहार का बेटा देश में नंबर-1: JEE Advanced में गया के शुभम का कमाल, CM सम्राट चौधरी ने ऐसे दी बधाई