BPSC पेपर लीक मामला: आर्थिक अपराध इकाई ने शुरू की जांच, संदिग्ध एजेंसी और बायोमेट्रिक टीम रडार पर
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में कदाचार मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

बिहार लोक सेवा आयोग
HighLights
ईओयू ने बीपीएससी एईडीओ कदाचार मामले की जांच शुरू की।
परीक्षा संचालन से जुड़ी संदिग्ध एजेंसी की भूमिका की जांच।
बायोमेट्रिक टीम के कुछ सदस्यों की भूमिका भी संदिग्ध।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा कदाचार मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
ईओयू की एसआईटी जांच के लिए विस्तृत एक्शन प्लान (कार्ययोजना) बना रही है। ईओयू जल्द ही इस मामले में बीपीएससी से भी जानकारी मांगेगी। इसमें परीक्षा संचालन की प्रक्रिया, परीक्षा से जुड़े संस्थान, एजेंसी और संदिग्ध लोगों की जानकारी ली जाएगी।
परीक्षा संचालन में एजेंसी की भूमिका की जांच
सूत्रों के अनुसार, ईओयू परीक्षा संचालन में एजेंसी की भूमिका की भी जांच करेगी। ईओयू को विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी पहले भी संदिग्ध रही है। उसके काली सूची में डाले जाने का भी इनपुट ईओयू को मिला है।
इन सूचनाओं का सत्यापन भी ईओयू के स्तर से किया जा रहा है। इसके लिए एजेंसी का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
एसपी (प्रशासन) राजेश कुमार कर रहे नेतृत्व
मालूम हो कि ईओयू ने परीक्षा में कदाचार की शिकायत पर 14 अप्रैल को मुंगेर के मुफस्सिल थाना और 17 अप्रैल को नालंदा के सोहसराय थाना में दर्ज कांड के आधार पर इस मामले की जांच अपने जिम्मे ली है। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व ईओयू के एसपी (प्रशासन) राजेश कुमार कर रहे हैं।