BPSC परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 नहीं होने से बढ़ा विवाद, शिक्षक भर्ती पर उठे सवाल
BPSC ने 2026 तक का परीक्षा कैलेंडर जारी किया है, जिसमें TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का उल्लेख नहीं है। इससे शिक्षक अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। छात ...और पढ़ें

HighLights
BPSC कैलेंडर में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का उल्लेख नहीं।
शिक्षक अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी, आंदोलन की तैयारी।
छात्र नेता दिलीप कुमार आज करेंगे महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 2026 तक होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है, लेकिन इसमें शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का जिक्र नहीं होने से विवाद खड़ा हो गया है। कैलेंडर जारी होते ही शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद भी TRE-4 को शामिल नहीं करना सरकार और आयोग की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
छात्र नेता दिलीप कुमार आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
TRE-4 के कैलेंडर से गायब रहने को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार आज दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान आगे की आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि TRE-4 को जानबूझकर टालने की कोशिश की जा रही है, जिससे हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है।
कैलेंडर में 50 से ज्यादा भर्तियां, TRE-4 नदारद
सोमवार को जारी BPSC कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, न्यायिक सेवा, APO, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तिथियां दी गई हैं। इसके अलावा विशेष शिक्षक और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी उल्लेख है, लेकिन TRE-4 का कहीं नाम नहीं है। यही बात शिक्षक अभ्यर्थियों की नाराजगी की बड़ी वजह बन गई है।
9 फरवरी को आंदोलन का ऐलान
ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन की नेता खुशबू पाठक ने पहले ही सरकार और आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी पिछले दो साल से TRE-4 का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हो रही। खुशबू पाठक ने 9 फरवरी को पटना में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है, जो पटना कॉलेज से शुरू होकर विधानसभा घेराव तक जाएगा।
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वैकेंसी के वादों पर भी सवाल
शिक्षक अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था, जिसे बाद में घटाकर करीब 26 हजार कर दिया गया। अब हालात यह हैं कि उतनी वैकेंसी भी सुनिश्चित नहीं दिख रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति साफ नहीं है।
सरकार का पक्ष और TRE-4 की संभावनाएं
शिक्षा मंत्री ने हाल ही में कहा था कि बिहार में दो साल में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और भर्ती पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया के तहत होती है। उनके अनुसार, चुनाव और रोस्टर क्लीयरेंस में देरी के कारण TRE-4 रुका हुआ है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया था कि इस बार करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है और रोस्टर प्रक्रिया पूरी होते ही TRE-4 की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।